देहरादून, 24 अक्टूबर 2026 | उत्तराखंड में मशहूर पंजाबी गायक दलेर मेहंदी और कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के बीच मंच पर हुए विवाद ने खूब सुर्खियां बटोरीं। मामला बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हस्तक्षेप किया और दलेर मेहंदी के भाई व गायक मीका सिंह से फोन पर बातचीत की। इसके बाद 23 अक्टूबर को मुख्यमंत्री ने दलेर मेहंदी से भी बात कर उनका हालचाल जाना। धामी ने दोनों पक्षों के बीच गलतफहमी को बातचीत और सौहार्द से दूर करने पर जोर दिया।
मीका का दावा है कि सीएम ने इस पूरी घटना पर खेद जताया है। मीका ने कहा कि सीएम धामी बहुत सुलझे हुए इंसान हैं और बहुत जमीनी व्यक्ति हैं। मीका के अनुसार दलेर मेंहदी को भी सीएम धामी का फोन आया था और दलेर ने अब पूरे मामले को खत्म करने को कहा है। मीका ने कहा कि सुबोध उनियाल को भी दलेर मेंहदी को फोन कर सॉरी बोलना चाहिए। मीका ने कहा कि सुबोध ने दलेर की शराबी कहकर इमेज खराब की है। मीका ने सुबोध को काफी नसीहत दी।
कुंजापुरी मेले में कैसे शुरू हुआ विवाद?
यह विवाद 18 अक्टूबर 2026 को टिहरी गढ़वाल जिले के नरेंद्र नगर में आयोजित सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले के दौरान शुरू हुआ। नवरात्र के कार्यक्रम में दलेर मेहंदी प्रस्तुति दे रहे थे। इसी दौरान मंत्री सुबोध उनियाल मंच पर पहुंचे और उनके गायन पर सवाल उठाए।
वायरल वीडियो में मंत्री को यह कहते हुए सुना गया कि दर्शक लाइव गायन सुनने आए हैं। उन्होंने दलेर मेहंदी के गाने के तरीके और उनकी स्थिति पर भी सवाल किए। इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद बढ़ गया।
सीएम धामी ने मीका सिंह से फोन पर क्या कहा?
विवाद बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री धामी ने मीका सिंह से फोन पर बातचीत की। धामी ने कहा कि किसी भी गलतफहमी को आपसी संवाद और सौहार्द के जरिए दूर किया जा सकता है। उन्होंने उत्तराखंड की अतिथि देवो भवः की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में कलाकारों का हमेशा स्वागत और सम्मान किया जाता है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मंत्री सुबोध उनियाल ने स्पष्ट किया है कि उन्हें दलेर मेहंदी की खराब तबीयत की जानकारी नहीं थी और उनका उद्देश्य कलाकार का अपमान करना नहीं था। धामी ने सभी पक्षों से विवाद को आगे नहीं बढ़ाने और मामले को पीछे छोड़कर सकारात्मक तरीके से आगे बढ़ने की अपील की
सीएम ने दलेर मेहंदी से भी की बात
मीका सिंह से बातचीत के बाद मुख्यमंत्री धामी ने दलेर मेहंदी को भी फोन किया। उन्होंने गायक का हालचाल पूछा और हालिया घटनाक्रम पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर बताया कि देवभूमि उत्तराखंड में कला, संस्कृति और कलाकारों का स्वागत एवं सम्मान किया जाता रहा है।
धामी ने कहा कि उनकी कोशिश है कि इस घटनाक्रम को पीछे छोड़कर आपसी बातचीत, सौहार्द और सकारात्मकता के साथ आगे बढ़ा जाए। इस पहल को विवाद कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
क्या मंत्री सुबोध उनियाल ने मांगी माफी?
सुबोध उनियाल ने कहा था कि उन्हें दलेर मेहंदी की तबीयत खराब होने की जानकारी नहीं थी। उनके अनुसार, प्रस्तुति के दौरान उन्हें लगा कि गायक लाइव गाने के बजाय रिकॉर्डेड आवाज पर प्रस्तुति दे रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यक्रम में मौजूद लोगों की प्रतिक्रिया के कारण उन्होंने सवाल उठाए।
हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में मंत्री की ओर से स्पष्ट सार्वजनिक माफी की पुष्टि नहीं हुई है। मीका सिंह ने मुख्यमंत्री की पहल का सम्मान करते हुए भी मंत्री से माफी की मांग दोहराई थी। इसलिए विवाद को पूरी तरह समाप्त मानने के बजाय यह कहना उचित होगा कि मुख्यमंत्री ने दोनों पक्षों के बीच संवाद और समाधान की पहल की है।
उत्तराखंड में कलाकारों के सम्मान पर चर्चा
इस घटनाक्रम ने सार्वजनिक कार्यक्रमों में कलाकारों के सम्मान, आयोजकों की जिम्मेदारी और मंच पर विवादों को संभालने के तरीके पर बहस छेड़ दी। एक ओर मंत्री ने अपनी प्रतिक्रिया को दर्शकों की अपेक्षाओं और प्रस्तुति को लेकर उठे सवालों से जोड़ा, वहीं मीका सिंह ने अपने भाई के सम्मान और स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई।
मुख्यमंत्री धामी की पहल का उद्देश्य विवाद को बातचीत के जरिए शांत करना है। अब यह देखना होगा कि दोनों पक्ष आगे किस तरह इस मामले को पीछे छोड़ते हैं।