चंडीगढ़/संगरूर , 08 अक्टूबर 2026 । पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के कैंप ऑफिस समेत कई ठिकानों पर हुई CBI की कार्रवाई के बाद सियासत गरमा गई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस कार्रवाई को लेकर केंद्र और बीजेपी पर निशाना साधते हुए दावा किया कि CBI की टीमें कई घंटे की तलाशी के बाद खाली हाथ लौट गईं।
संगरूर में एक कार्यक्रम के दौरान भगवंत मान ने कहा कि जांच एजेंसी को तलाशी के दौरान कुछ नहीं मिला। उन्होंने इसी आधार पर कहा कि यह उनकी सरकार की ईमानदारी का सबूत है और CBI को आगे चलकर क्लीन चिट देनी पड़ेगी।
मान बोले-हम डरने वाले नहीं
मान ने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लिखा कि सीबीआई रेड सिर्फ राजनीतिक बौखलाहट का नतीजा है। हम डराने या बदनाम करने की ऐसी कायरतापूर्ण कोशिशों से ना डरेंगे या ना ही झुकेंगे हम यहां पैसा कमाने नहीं, पंजाब की सेवा करने आए हैं, और पंजाबी कभी भी अन्याय बर्दाश्त नहीं करते। संगरूर में एक समरोह के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सीएम भगवंत सिंह मान ने कहा कि न तो वह और न ही पंजाब सरकार ऐसी चालों से डरने वाली है। उन्होंने कहा कि हम कहीं नहीं जा रहे हैं। हम केंद्रीय एजेंसियों का सामना करेंगे और हर सवाल का जवाब देंगे। भाजपा को समझना चाहिए कि पंजाबी धमकियों या धक्केशाही से डरने वाले नहीं हैं।
आठ जगहों पर CBI ने की थी तलाशी
CBI ने 6 अक्टूबर 2026 को पंजाब में मुख्यमंत्री के कैंप ऑफिस समेत करीब आठ स्थानों पर तलाशी ली थी। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री के OSD राजबीर सिंह घुम्मन और अन्य अधिकारियों से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले की जांच के तहत हुई।
CBI ने राजबीर सिंह घुम्मन और अन्य लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए मामला दर्ज किया है। एजेंसी के अनुसार आरोप अधिकारियों की पोस्टिंग, प्रशासनिक मामलों, टेंडर, लाइसेंसिंग और अन्य मामलों में कथित प्रभाव के इस्तेमाल से जुड़े हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि CBI की टीमें कई घंटे तक तलाशी लेने के बाद भी कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं खोज सकीं। उनके मुताबिक, अगर जांच एजेंसी को कुछ नहीं मिला है तो उसे इसका परिणाम सार्वजनिक करना चाहिए।
मान ने यह भी कहा कि उनकी सरकार को डराने या बदनाम करने की कोशिश सफल नहीं होगी। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने सत्ता में आकर भ्रष्टाचार करने के बजाय पंजाब के लोगों की सेवा को प्राथमिकता दी है।
‘PM मोदी की CBI हमें क्लीन चिट देगी’
भगवंत मान ने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अगर CBI की जांच में कुछ नहीं मिलता है तो एजेंसी को उनकी सरकार को क्लीन चिट देनी पड़ेगी।
हालांकि, अभी CBI की जांच पूरी नहीं हुई है। इसलिए “क्लीन चिट” को फिलहाल मुख्यमंत्री भगवंत मान का दावा ही माना जाना चाहिए। CBI ने भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़े मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू की है।
पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव को देखते हुए CBI की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। भगवंत मान ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले केंद्रीय एजेंसियों के जरिए विपक्षी सरकारों और नेताओं पर दबाव बनाया जा रहा है।
मान ने इसे राजनीतिक कार्रवाई बताते हुए कहा कि पंजाब सरकार ऐसी कार्रवाई से डरने वाली नहीं है। वहीं, CBI की कार्रवाई का आधार पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के उस आदेश और संबंधित भ्रष्टाचार आरोपों की जांच है, जिनके आधार पर एजेंसी ने मामला दर्ज किया।
सुप्रीम कोर्ट में भी पहुंचा मामला
CBI जांच को लेकर पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने CBI जांच का रास्ता साफ किया था, जिसके खिलाफ राज्य सरकार ने शीर्ष अदालत में चुनौती दी है।
8 अक्टूबर को इस मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई एक दिन के लिए टल गई और अब इस पर आगे सुनवाई होनी है। इस वजह से CBI जांच और राज्य सरकार की आपत्ति दोनों ही फिलहाल न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
CBI जांच और मान के दावे में फर्क समझना जरूरी
पूरे मामले में दो अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। एक तरफ मुख्यमंत्री भगवंत मान का दावा है कि CBI की तलाशी में कुछ नहीं मिला और उनकी सरकार की ईमानदारी साबित हुई। दूसरी तरफ CBI ने कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए FIR दर्ज की है और मामले की जांच जारी है।
इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि जांच में अंतिम रूप से क्या निष्कर्ष निकलेगा। आगे CBI की जांच, दस्तावेजों और अदालत में होने वाली सुनवाई से मामले की स्थिति और स्पष्ट होगी।