एलोवेरा जेल के नाम पर बिहार भेजी जा रही थी शराब की बड़ी खेप

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सोनीपत , 08 अक्टूबर 2026 । हरियाणा के सोनीपत में शराब तस्करी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक लॉजिस्टिक्स वेयरहाउस में पहुंची 85 कार्टन की खेप को कागजों में एलोवेरा जेल बताया गया था, लेकिन जांच करने पर कार्टन के अंदर अंग्रेजी शराब के पव्वे मिले। यह खेप चंडीगढ़ से होते हुए बिहार के पटना भेजे जाने की तैयारी में थी।

मामले का खुलासा उस समय हुआ जब वेयरहाउस के ऑडिटिंग मैनेजर रविंद्र को खेप को लेकर शक हुआ। एक कार्टन की जांच में जब एलोवेरा जेल की जगह शराब मिली तो बाकी कार्टन भी खोले गए। इसके बाद शराब की बड़ी खेप सामने आ गई।

8160 पव्वे शराब बरामद

वेयरहाउस के ऑडिटिंग मैनेजर रविंद्र को खेप पर शक हुआ। इसके बाद एक बॉक्स खोलकर जांच की गई तो उसमें एलोवेरा जेल की जगह अंग्रेजी शराब के पव्वे मिले। इसके बाद सभी 85 बॉक्स खोले गए, जिनसे कुल 8160 पव्वे शराब बरामद हुई। जांच में सामने आया कि शराब के पव्वों पर न तो बारकोड था और न ही होलोग्राम। बताया गया कि यह शराब केवल चंडीगढ़ में बिक्री के लिए थी और आरोपियों ने इसे ललित एजेंसी के माध्यम से श्याम मार्केट, पटना, बिहार भेजने की तैयारी कर रखी थी।

ऑडिटिंग मैनेजर को हुआ शक

वेयरहाउस में आई खेप की जांच के दौरान ऑडिटिंग मैनेजर रविंद्र को कुछ गड़बड़ी का शक हुआ। इसके बाद एक बॉक्स खोलकर देखा गया तो उसमें एलोवेरा जेल के बजाय अंग्रेजी शराब के पव्वे रखे मिले।

इसके बाद कर्मचारियों और अधिकारियों ने बाकी 84 कार्टन भी जांचे। सभी कार्टन में शराब मिलने के बाद आबकारी विभाग को सूचना दी गई। इस तरह समय रहते पूरी खेप पकड़ ली गई।

शिवा इंटरप्राइजेज के नाम से आई थी खेप

जांच में सामने आया कि 85 कार्टन की खेप शिवा इंटरप्राइजेज, पंचकूला की फ्रेंचाइजी के नाम पर गोदाम में पहुंची थी। दस्तावेजों में सामान एलोवेरा जेल बताया गया था।

जानकारी के मुताबिक इस खेप को आगे ललित एजेंसी के माध्यम से पटना के श्याम मार्केट भेजने की तैयारी थी। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि फर्जी विवरण के साथ शराब की खेप किसने तैयार कराई और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।

मामला सामने आने के बाद पुलिस और आबकारी विभाग ने कार्रवाई शुरू की, लेकिन खेप लेकर आए वाहन का चालक गाड़ी समेत मौके से फरार हो गया।

आबकारी निरीक्षक सोमबीर की शिकायत के आधार पर कुंडली थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है। अब पुलिस चालक की तलाश के साथ-साथ खेप भेजने वाले और इसे रिसीव करने वाली एजेंसी की भूमिका की जांच कर रही है।

बिहार में शराबबंदी के बीच तस्करी का कनेक्शन

शराब की यह खेप बिहार के पटना भेजी जानी थी। बिहार में शराबबंदी लागू होने के कारण दूसरे राज्यों से शराब पहुंचाने के मामले लगातार जांच के दायरे में रहते हैं। सोनीपत से बिहार की ओर शराब की तस्करी का यह मामला भी इसी कड़ी में देखा जा रहा है।

हालांकि, इस मामले में अभी पुलिस की जांच जारी है। यह पता लगाया जाना बाकी है कि पूरी खेप का वास्तविक मालिक कौन था, फर्जी बिल किसने तैयार कराया और बिहार में शराब की सप्लाई किसे की जानी थी।

इस मामले में तस्करी के लिए शराब को किसी दूसरे उत्पाद के नाम पर दिखाने का तरीका सामने आया है। कागजों में एलोवेरा जेल दर्ज होने से पहली नजर में खेप सामान्य कॉस्मेटिक उत्पाद की लग सकती थी।

लेकिन ऑडिटिंग के दौरान शक होने से पूरा मामला सामने आ गया। पुलिस अब दस्तावेजों, वाहन और संबंधित एजेंसियों के रिकॉर्ड के आधार पर पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है।

ऑडिटिंग मैनेजर की सतर्कता से पकड़ी गई खेप

इस पूरे मामले में वेयरहाउस के ऑडिटिंग मैनेजर का शक अहम साबित हुआ। अगर कार्टन की जांच नहीं होती तो 8,160 पव्वों वाली यह खेप पटना के लिए रवाना हो सकती थी।

फिलहाल पुलिस फरार चालक की तलाश कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि सोनीपत से बिहार तक शराब पहुंचाने की योजना में कौन-कौन लोग शामिल थे।

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