JDU के अंदर अनंत सिंह और नीरज कुमार को लेकर बढ़ी चर्चा

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पटना, 29  सितंबर 2026 । बिहार में विधान परिषद चुनाव से पहले जनता दल यूनाइटेड के अंदर अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच चल रहा विवाद लगातार चर्चा में है। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से नीरज कुमार को दोबारा उम्मीदवार बनाए जाने के बाद मोकामा विधायक अनंत सिंह ने सार्वजनिक रूप से उनका विरोध किया और जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज कुमार सिंह को समर्थन देने का ऐलान किया।

अब इस पूरे मामले पर बिहार सरकार के मंत्री और जेडीयू के वरिष्ठ नेता श्रवण कुमार ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि विवाद की जानकारी पार्टी के बड़े नेताओं को है और समय आने पर इस पर निर्णय लिया जाएगा।

मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह की ओर से नीरज कुमार के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोलने और जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह को समर्थन देने के ऐलान के बाद पार्टी ने पूरे घटनाक्रम पर नजर रखनी शुरू कर दी है। इस विवाद पर बिहार सरकार के मंत्री और जदयू के वरिष्ठ नेता श्रवण कुमार ने मंगलवार को कहा कि पूरा मामला पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के संज्ञान में है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष को इसकी जानकारी है। अब पार्टी के बड़े नेता इस पर विचार कर जो निर्णय या निर्देश देंगे, उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी।

श्रवण कुमार के मुताबिक, अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच चल रहा मामला जेडीयू के शीर्ष नेतृत्व के संज्ञान में है। राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष को घटनाक्रम की जानकारी दी जा चुकी है।

उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी नेतृत्व पूरे मामले पर विचार कर रहा है। वरिष्ठ नेताओं की ओर से जो निर्णय या निर्देश दिया जाएगा, उसके अनुसार आगे की कार्रवाई होगी।

नीरज कुमार के खिलाफ अनंत सिंह ने खोला मोर्चा

विवाद की मुख्य वजह पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का एमएलसी चुनाव है। जेडीयू ने मौजूदा विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार को फिर से अपना उम्मीदवार बनाया है। इसके बाद अनंत सिंह ने नीरज कुमार के खिलाफ सार्वजनिक बयान दिए।

अनंत सिंह ने कहा कि उनका विरोध जेडीयू से नहीं बल्कि नीरज कुमार से है। इसके साथ ही उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार अनुज कुमार सिंह को समर्थन देने की घोषणा की और उनके लिए प्रचार करने की बात कही।

यह पहली बार नहीं है जब जेडीयू नेतृत्व ने दोनों नेताओं के बीच मतभेद को सुलझाने की कोशिश की हो। सितंबर की शुरुआत में भी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई थी, जिसमें अनंत सिंह, नीरज कुमार और अन्य नेता शामिल हुए थे।

उस समय मंत्री श्रवण कुमार और प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा को दोनों पक्षों के बीच समन्वय की जिम्मेदारी दिए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। बैठक के बाद पार्टी की ओर से एकजुटता का संदेश दिया गया था।

JDU की प्राथमिकता चुनाव पर

जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा है कि पार्टी को अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच चल रहे विवाद की जानकारी है। उनके मुताबिक, पार्टी की प्राथमिकता बिहार विधान परिषद की सभी आठ शिक्षक और स्नातक सीटों पर एनडीए के उम्मीदवारों के लिए चुनाव लड़ना है।

वहीं, भाजपा नेता गुरु प्रकाश पासवान ने इस मामले को जेडीयू का आंतरिक विषय बताया है। उन्होंने कहा कि जेडीयू का नेतृत्व आपसी समन्वय के साथ इसका समाधान निकाल सकता है और भाजपा इस आंतरिक मामले पर टिप्पणी नहीं करना चाहती।

पटना स्नातक सीट का चुनाव इस विवाद की वजह से खास तौर पर चर्चा में है। एक तरफ जेडीयू ने नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया है, वहीं अनंत सिंह ने उनके खिलाफ मैदान में उतरे जन सुराज प्रत्याशी अनुज कुमार सिंह को समर्थन दिया है।

अब सबकी नजर जेडीयू के शीर्ष नेतृत्व के अगले कदम पर है। श्रवण कुमार के बयान से इतना स्पष्ट है कि पार्टी नेतृत्व मामले से अवगत है और आगे का निर्णय वरिष्ठ नेताओं के स्तर पर लिया जाना है।

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