आस्था कुंज गैंगरेप के बाद दिल्ली में सुरक्षा सख्त

30 कंपनियों की पैरामिलिट्री फोर्स सड़कों पर

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नई दिल्ली, 26  सितंबर 2026 । दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय नाबालिग से गैंगरेप की घटना के बाद राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस और प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों के साथ-साथ पार्कों, स्कूल-कॉलेजों, बाजारों, बस स्टैंड और मेट्रो स्टेशनों के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के सभी 15 पुलिस जिलों में अर्धसैनिक बलों की कंपनियां तैनात की गई हैं। इन बलों में CRPF, CISF, BSF और असम राइफल्स की कंपनियां शामिल हैं। करीब 30 कंपनियों के जवान दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर पैदल और बाइक से गश्त कर रहे हैं।

सभी जिलों में तैनात की गईं दो दो कंपनियां

दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अभी दिल्ली के सभी 15 जिलों में सुरक्षा के लिए अर्ध सैनिक बलों की दो-दो कंपनियों की तैनाती की गई है। इसमें CRPF , CISF BSF और असम राइफल्स जैसे अर्धसैनिक बलों की कंपनियां शामिल है।

सभी 15 जिलों में सुरक्षा बढ़ाई गई

पुलिस की ओर से संवेदनशील स्थानों की पहचान कर वहां अतिरिक्त जवान लगाए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, प्रत्येक पुलिस जिले में दो-दो कंपनियों की तैनाती की गई है। इन जवानों को उन स्थानों पर प्राथमिकता से लगाया जा रहा है, जहां महिलाओं, छात्राओं और आम लोगों की आवाजाही ज्यादा रहती है।

पार्कों के अलावा स्कूल और कॉलेज के आसपास, बस स्टैंड, मेट्रो स्टेशन तथा प्रमुख बाजारों में भी गश्त बढ़ाई गई है। इसका उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाना और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करना है।

अर्धसैनिक बलों की तैनाती केवल स्थिर सुरक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं रखी गई है। जवान दिल्ली पुलिस के साथ पैदल गश्त और बाइक पेट्रोलिंग भी कर रहे हैं। इससे ऐसे इलाकों में लगातार निगरानी रखने की कोशिश की जा रही है, जहां आमतौर पर भीड़ कम रहती है या रात के समय आवाजाही सीमित हो जाती है।

नई दिल्ली जिले में भी BSF के जवान पहले से विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर तैनात बताए गए हैं। नेहरू पार्क, लोधी गार्डन, सेंट्रल पार्क, बुद्धा जयंती गार्डन और कनॉट प्लेस जैसे इलाकों में पुलिस के साथ गश्त की जा रही है।

आस्था कुंज घटना के बाद पार्कों पर विशेष नजर

आस्था कुंज पार्क में हुई वारदात के बाद दिल्ली के बड़े पार्कों और रिज इलाकों में भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। दिल्ली पुलिस ने घुड़सवार दस्तों और ड्रोन के जरिए निगरानी बढ़ाने की जानकारी दी है।

इस घटना ने बड़े और खुले सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। करीब 150 एकड़ में फैले आस्था कुंज पार्क में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी रिपोर्टें सामने आई हैं। TV9 की रिपोर्ट के मुताबिक, घटना के बाद दिल्ली के उपराज्यपाल ने सभी पार्कों का सुरक्षा ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं, जिसमें रोशनी, CCTV और नियमित गश्त जैसे पहलुओं की जांच शामिल है।

डार्क स्पॉट पर भी प्रशासन की नजर

आस्था कुंज मामले के बाद दिल्ली में डार्क स्पॉट यानी ऐसे स्थान जहां पर्याप्त रोशनी नहीं है, चर्चा में हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली पुलिस की 21 और 24 सितंबर की रात्रि रिपोर्टों में 164 डार्क स्पॉट दर्ज थे। पुलिस इन स्थानों की जानकारी संबंधित नागरिक एजेंसियों को भेजती है, ताकि वहां प्रकाश व्यवस्था में सुधार किया जा सके।

यह मुद्दा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सुनसान और कम रोशनी वाले स्थानों को लेकर महिलाओं की सुरक्षा की चिंता लंबे समय से उठती रही है। ऐसे में पुलिस गश्त के साथ स्ट्रीट लाइट, CCTV और सार्वजनिक स्थानों की निगरानी को भी सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

आस्था कुंज मामले में दिल्ली पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया है और जांच आगे बढ़ रही है। रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने अब तक कई लोगों के बयान दर्ज किए हैं और घटनाक्रम से जुड़े साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है।

घटना के बाद प्रशासन के सामने अब दो स्तर की चुनौती है। एक तरफ मामले की जांच और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाना है, वहीं दूसरी तरफ राजधानी के दूसरे संवेदनशील स्थानों पर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।

महिलाओं और छात्राओं वाले इलाकों पर विशेष फोकस

पैरामिलिट्री और दिल्ली पुलिस की संयुक्त तैनाती में उन स्थानों को प्राथमिकता दी जा रही है जहां महिलाओं और छात्राओं की आवाजाही अधिक होती है। स्कूल-कॉलेज, मेट्रो स्टेशन, बस स्टैंड और बाजारों के आसपास अतिरिक्त गश्त इसी रणनीति का हिस्सा है।

आने वाले दिनों में पार्कों की सुरक्षा, CCTV की स्थिति, स्ट्रीट लाइट और पुलिस पेट्रोलिंग की समीक्षा भी महत्वपूर्ण होगी। प्रशासन की ओर से उठाए जा रहे इन कदमों का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को मजबूत करना है।

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