होशियारपुर , 17 सितंबर 2026। पंजाब के होशियारपुर जिले में डॉ. बीआर आंबेडकर की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने के विवाद ने बुधवार को राजनीतिक टकराव का रूप ले लिया। बरियां कलां गांव में प्रतिमा के कथित तौर पर क्षतिग्रस्त किए जाने के विरोध में प्रदर्शन के दौरान भारतीय जनता पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। इस दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला घायल हो गए।
पूर्व सांसद हमले में घायल
होशियारपुर के पूर्व सांसद विजय सांपला ने संवाददाताओं से कहा कि धरने पर बैठे कुछ प्रदर्शनकारियों ने बीजेपी के खिलाफ नारे लगाए और उनसे पूछा कि जब वे सांसद थे तो उन्होंने गांव के लिए क्या योगदान दिया। सांपला ने कहा कि जब वह सभा को संबोधित करने गए तो कुछ लोगों ने कथित तौर पर उनसे माइक्रोफोन छीन लिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प हो गई। सांपला ने कहा कि उनके चेहरे पर मामूली चोट आई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि यह टकराव बीजेपी के प्रदर्शन को बाधित करने की ‘पूर्व नियोजित’ प्रयास का हिस्सा था।
प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे विजय सांपला
प्रतिमा विवाद को लेकर चल रहे प्रदर्शन के दौरान विजय सांपला सहित भाजपा के कुछ नेता मौके पर पहुंचे। उनके साथ पंजाब भाजपा एससी मोर्चा के अध्यक्ष शीतल अंगुराल और अन्य स्थानीय भाजपा नेता भी मौजूद थे। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों और भाजपा नेताओं के बीच नारेबाजी तथा बातचीत को लेकर विवाद बढ़ गया।
रिपोर्टों के अनुसार, मंच और माइक्रोफोन को लेकर दोनों पक्षों में तीखी बहस हुई। इसके बाद मामला धक्का-मुक्की और झड़प तक पहुंच गया। इसी दौरान विजय सांपला को चोट लगी। कुछ रिपोर्टों में उनके चेहरे और गर्दन पर चोट या खरोंच आने की बात कही गई है।
BJP और BSP ने लगाए अलग-अलग आरोप
घटना के बाद भाजपा और बसपा नेताओं की ओर से एक-दूसरे पर प्रदर्शन बाधित करने के आरोप लगाए गए। विजय सांपला ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान उनके साथ बदसलूकी की गई और विवाद के पीछे प्रदर्शन को बाधित करने की कोशिश थी। दूसरी ओर, बसपा नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं के पहुंचने से पहले से चल रहा उनका धरना प्रभावित हुआ।
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी जांच का विषय है। पुलिस मामले से जुड़े घटनाक्रम और मौके पर मौजूद लोगों के बयानों के आधार पर जांच कर रही है।
झड़प की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को अलग किया। पुलिस ने इलाके में अतिरिक्त बल भी तैनात किया है ताकि स्थिति दोबारा न बिगड़े। पुलिस के मुताबिक, फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। साथ ही प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने वाली मूल घटना की जांच के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।
विवाद के बीच बसपा की ओर से 18 सितंबर को प्रदर्शन का आह्वान किए जाने की जानकारी सामने आई है। प्रशासन के सामने प्रतिमा को दोबारा स्थापित करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी रखी गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में बरियां कलां गांव में पुलिस और प्रशासन की निगरानी बढ़ने की संभावना है।
राजनीतिक टकराव के बीच जांच पर नजर
आंबेडकर प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने की घटना के बाद शुरू हुआ विरोध अब भाजपा और बसपा के बीच राजनीतिक टकराव में बदल गया है। एक ओर भाजपा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही है, वहीं बसपा प्रदर्शन स्थल पर भाजपा नेताओं के पहुंचने को लेकर सवाल उठा रही है। फिलहाल पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित है कि प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने की मूल घटना के पीछे कौन लोग थे और प्रदर्शन के दौरान झड़प की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं।