सहसपुर में हरक सिंह रावत के नाम की गूंज

कांग्रेस टिकट से पहले ही समर्थकों ने शुरू की नारेबाजी

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देहरादून, 14 सितंबर 2026। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस के भीतर टिकटों की तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं हुई है, लेकिन सहसपुर विधानसभा सीट पर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सहसपुर से पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता डॉ. हरक सिंह रावत के समर्थन में नारेबाजी शुरू होने की खबर ने कांग्रेस के अंदर टिकट की दावेदारी को लेकर चर्चा बढ़ा दी है।

हरक सिंह खुलकर सहसपुर सीट से दावा ठोक रहे हैं। हरक सिंह के समर्थन में सहसपुर में नारेबाजी हो रही है। जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया में सामने आया है। सहसपुर के कार्यकर्ताओं ने हरक सिंह के सम्मान में जबरदस्त नारेबाजी भी कर दी। जिसमें कार्यकर्ता नारेबाजी करते दिखे कि ‘सहसपुर का विधायक कैसा हो, हरक सिंह रावत जैसा हो’। खास बात ये है कि जब ये नारे लगाए जा रहे थे, तब हरक सिंह वहीं पर मौजूद थे। जिसके बाद ये चर्चा शुरू हो गई कि क्या हरक सिंह सहसपुर से चुनाव लड़ेंगे।

टिकट ऐलान से पहले हरक सिंह के समर्थन में नारे

सहसपुर सीट पर कांग्रेस के टिकट का ऐलान होने से पहले ही हरक सिंह रावत के समर्थकों ने उनके पक्ष में माहौल बनाना शुरू कर दिया है। समर्थकों की नारेबाजी से यह संकेत मिल रहा है कि हरक सिंह रावत सहसपुर से अपनी दावेदारी को लेकर सक्रिय हैं।

हालांकि, नारेबाजी और समर्थकों की सक्रियता को आधिकारिक टिकट घोषणा नहीं माना जा सकता। कांग्रेस की ओर से अंतिम उम्मीदवार के नाम का फैसला पार्टी की चयन प्रक्रिया के बाद ही होगा।

सहसपुर विधानसभा सीट पर कांग्रेस के टिकट के लिए दावेदारी को लेकर पहले से ही राजनीतिक गतिविधियां चल रही हैं। ऐसे में हरक सिंह रावत के नाम के समर्थन में नारे लगने से मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।

हरक सिंह रावत उत्तराखंड की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं और कई सरकारों में मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। ऐसे में उनका चुनावी मैदान में उतरना पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक फैसला हो सकता है।

हरक सिंह रावत ने बनाए हैं तीन विकल्प

रिपोर्ट के मुताबिक हरक सिंह रावत ने आगामी चुनाव को लेकर तीन वैकल्पिक योजनाएं तैयार रखी हैं। इससे संकेत मिलता है कि वह केवल एक राजनीतिक विकल्प पर निर्भर नहीं हैं और अपने भविष्य को लेकर अलग-अलग संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं।

उनकी राजनीतिक सक्रियता ऐसे समय में बढ़ी है जब उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव को लेकर दलों के भीतर उम्मीदवारों के नाम और चुनावी समीकरणों पर मंथन तेज है।

कांग्रेस नेतृत्व के सामने सहसपुर में उम्मीदवार चुनने की चुनौती होगी। पार्टी को एक ओर जीत की संभावना रखने वाले चेहरे को प्राथमिकता देनी होगी, वहीं दूसरी ओर स्थानीय संगठन और संभावित दावेदारों के बीच संतुलन भी साधना होगा।

हरक सिंह रावत के समर्थन में पहले से नारेबाजी शुरू होने के बाद टिकट का फैसला और अधिक चर्चा में आ गया है। यदि पार्टी उन्हें उम्मीदवार बनाती है तो सहसपुर की चुनावी लड़ाई में उनका अनुभव बड़ा factor हो सकता है।

कौन हैं हरक सिंह रावत?

हरक सिंह रावत उत्तराखंड की राजनीति के चर्चित नेताओं में शामिल हैं। उन्होंने राज्य की राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय भूमिका निभाई है और अलग-अलग राजनीतिक परिस्थितियों में महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं।

उनकी राजनीतिक यात्रा में दल परिवर्तन और सत्ता की राजनीति के कई महत्वपूर्ण पड़ाव भी रहे हैं। यही वजह है कि चुनाव के दौरान उनकी दावेदारी पर प्रदेश की राजनीति में खास नजर रहती है।

सहसपुर में बदल सकते हैं राजनीतिक समीकरण

हरक सिंह रावत के समर्थन में नारेबाजी ने फिलहाल सहसपुर की सियासत में हलचल जरूर बढ़ा दी है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि कांग्रेस नेतृत्व टिकट वितरण में किस नाम पर भरोसा जताता है।

यदि हरक सिंह रावत को टिकट मिलता है तो उनके समर्थकों की सक्रियता चुनावी अभियान में बदल सकती है। वहीं टिकट किसी अन्य दावेदार को मिलने की स्थिति में पार्टी को संभावित असंतोष को संभालने की चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।

फिलहाल कांग्रेस के आधिकारिक ऐलान का इंतजार है, लेकिन टिकट घोषणा से पहले ही सहसपुर में हरक सिंह रावत के नाम की गूंज ने चुनावी माहौल गर्म कर दिया है।

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