दरभंगा, 09 सितंबर2026 । बिहार के दरभंगा जिले के बहादुरपुर प्रखंड में तैनात BDO आनंद कुमार विभूति आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की जांच के घेरे में हैं। आय से अधिक संपत्ति के मामले में EOU ने उनके पटना, दरभंगा, मुजफ्फरपुर और पूर्वी चंपारण स्थित कुल पांच ठिकानों पर छापेमारी की। शुरुआती जांच में करीब 1.71 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति का पता चला है, जो उनकी ज्ञात आय से 121.87 प्रतिशत अधिक बताई जा रही है।
ईओयू की छापेमारी में मिली अकूत संपत्ति
ईओयू की कार्रवाई में बीडीओ आनंद कुमार विभूति और उनके परिजनों के नाम पर कुल 16 भूखंडों की खरीद से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए हैं। इसके अलावा पूर्वी चंपारण में 70 लाख रुपये की लागत से बना आलीशान पैतृक मकान और म्यूचुअल फंड में लगभग 70 लाख रुपये के निवेश के कागजात मिले हैं। टीम को विभिन्न आभूषणों की खरीद से जुड़ी रसीदें भी मिली हैं।
छापेमारी में जब्त और मिले प्रमुख सामान
- 16 भूखंड: मुजफ्फरपुर के अहियापुर स्थित आवास से 16 प्लॉट के कागजात मिले, जिनमें 9 बीडीओ के नाम पर और 7 अन्य के नाम पर हैं।
- 4 लग्जरी गाड़ियां: एक इनोवा क्रिस्टा, एक स्कॉर्पियो और दो अन्य चार पहिया वाहन बरामद किए गए।
- 16 बैंक खाते और लॉकर: बीडीओ और परिजनों के 16 बैंक खातों को फ्रीज किया जा रहा है। एक बैंक लॉकर भी मिला है, जिसकी तलाशी बाकी है।
- बीमा निवेश: एलआईसी और अन्य बीमा कंपनियों में सालाना लगभग 1.50 लाख रुपये प्रीमियम निवेश के दस्तावेज जब्त हुए हैं।
12 साल की नौकरी में करोड़ों की संपत्ति का खुलासा
आनंद कुमार विभूति वर्ष 2014 में सरकारी सेवा में आए थे और BPSC की 53वीं-55वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के जरिए नियुक्त हुए थे। करीब 12 वर्षों के सेवाकाल में उन्होंने पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और दरभंगा समेत कई जिलों में काम किया। EOU की जांच में उनकी घोषित और ज्ञात आय की तुलना में बड़ी मात्रा में अतिरिक्त संपत्ति सामने आने का दावा किया गया है।
16 प्लॉट के दस्तावेज और 16 बैंक खातों की जानकारी
छापेमारी के दौरान मुजफ्फरपुर के अहियापुर स्थित निजी आवास से जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़े 16 भूखंडों के दस्तावेज मिले। इनमें नौ भूखंडों के दस्तावेज BDO और उनके परिवार से जुड़े नामों पर बताए गए हैं, जबकि सात अन्य भूखंडों से संबंधित दस्तावेज भी बरामद हुए हैं।
इसके अलावा जांच एजेंसी को BDO और उनके परिजनों से जुड़े 16 बैंक खातों की जानकारी मिली है। रिपोर्टों के अनुसार इन खातों को फ्रीज करने की कार्रवाई की जा रही है। एक बैंक लॉकर का भी पता चला है, जिसकी तलाशी और जांच आगे की कार्रवाई का हिस्सा होगी।
70 लाख के बंगले से लेकर महंगी गाड़ियों तक
EOU की टीम को पूर्वी चंपारण के चिरैया थाना क्षेत्र स्थित लालबेगिया गांव में पैतृक जमीन पर बना एक बड़ा मकान भी मिला। शुरुआती आकलन में इसके निर्माण पर करीब 70 लाख रुपये खर्च होने की बात सामने आई है। हालांकि, मकान की वास्तविक लागत का विस्तृत मूल्यांकन जांच के दौरान कराया जाएगा।
तलाशी में इनोवा क्रिस्टा और स्कॉर्पियो समेत कई वाहनों से संबंधित जानकारी भी मिली। इसके साथ ही आभूषणों की खरीद से जुड़े बिल और अन्य दस्तावेज भी जांच एजेंसी के हाथ लगे हैं। इससे EOU को संपत्ति और खर्च के स्रोतों की जांच में अतिरिक्त सुराग मिलने की उम्मीद है।
म्यूचुअल फंड में भी लाखों का निवेश
जांच के दौरान सिर्फ जमीन और मकान ही नहीं, बल्कि वित्तीय निवेश से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। EOU को अलग-अलग म्यूचुअल फंड में करीब 70 लाख रुपये के निवेश के साक्ष्य मिलने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा LIC और अन्य बीमा योजनाओं से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं।
यानी जांच का दायरा अब केवल अचल संपत्ति तक सीमित नहीं है। एजेंसी बैंक खातों, निवेश, बीमा, वाहनों, जमीन और निर्माण पर हुए खर्च को अधिकारी की ज्ञात आय के साथ मिलाकर देख रही है।
पांच ठिकानों पर एक साथ हुई कार्रवाई
EOU ने मंगलवार को एक साथ पांच स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई में दरभंगा स्थित BDO आवास और कार्यालय, मुजफ्फरपुर स्थित निजी आवास, पटना के दानापुर क्षेत्र तथा पूर्वी चंपारण के चिरैया स्थित पैतृक ठिकाने शामिल रहे। कार्रवाई के लिए विशेष अदालत से सर्च वारंट हासिल किए गए थे।
मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आय से अधिक संपत्ति से जुड़ा है। EOU अब बरामद दस्तावेजों और संपत्तियों का मूल्यांकन कर यह पता लगाने में जुटी है कि संपत्ति किस स्रोत से अर्जित की गई और क्या इसका संबंध घोषित आय से बनता है।
जांच आगे बढ़ने पर और खुलासे की संभावना
EOU के अनुसार, छापेमारी में मिले दस्तावेजों की विस्तृत जांच अभी जारी है। जमीन के दस्तावेज, बैंक खातों, म्यूचुअल फंड, बीमा, वाहन और मकान से जुड़े रिकॉर्ड की जांच के बाद आय से अधिक संपत्ति का वास्तविक आंकड़ा सामने आ सकता है।
इस मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल EOU की कार्रवाई ने बिहार के प्रशासनिक महकमे में हलचल बढ़ा दी है और BDO की संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज जांच एजेंसी के रडार पर हैं।