पंजाब , 08 सितंबर2026 । पंजाब के लुधियाना में स्थित बाबा रोडे शाह की दरगाह अपनी एक अनोखी धार्मिक परंपरा के कारण चर्चा में रहती है। आमतौर पर दरगाहों और धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालु मिठाई, फल या अन्य खाद्य सामग्री चढ़ाते हैं, लेकिन यहां मान्यता के अनुसार बाबा को शराब चढ़ाई जाती है। इतना ही नहीं, यहां आने वाले श्रद्धालुओं को प्रसाद के तौर पर भी शराब बांटे जाने की परंपरा बताई जाती है।
बताया जाता है कि बाबा रोडे शाह की दरगाह पर यह परंपरा करीब 100 वर्षों से चली आ रही है। हर साल यहां विशेष मेले का आयोजन भी होता है, जिसमें पंजाब के अलग-अलग हिस्सों के अलावा दूसरे क्षेत्रों से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं। श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार दरगाह पर शराब लेकर आते हैं और उसे बाबा को अर्पित करते हैं। यह परंपरा इस दरगाह को अन्य धार्मिक स्थलों से अलग पहचान देती है।
क्या है मान्यता
स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं के अनुसार यह प्रथा दशकों पुरानी है। क्षेत्र में यह अटूट विश्वास है कि इस दरबार में मदिरा अर्पित करने और सच्चे मन से प्रार्थना करने पर मनोकामनाएं शीघ्र पूरी होती हैं। इसी लोगों के भरोसे के कारण हर वर्ग और समुदाय के लोग बिना किसी भेदभाव के यहां शीश नवाते हैं। वार्षिक आयोजन के दौरान देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। भक्त अपनी सामर्थ्य और श्रद्धा के अनुसार विभिन्न प्रकार की मदिरा बाबा के दरबार में भेंट करते हैं। चढ़ावे के रूप में प्राप्त इस सामग्री को दरगाह के सेवादारों द्वारा बड़े बर्तनों में एकत्र किया जाता है, जिसे बाद में अत्यंत अनुशासित ढंग से उपस्थित लोगों के बीच प्रसाद स्वरूप वितरित कर दिया जाता है।
प्रसाद में भी बांटी जाती है मदिरा
इस दरगाह की सबसे खास बात यह है कि यहां चढ़ाई गई शराब को प्रसाद के रूप में श्रद्धालुओं के बीच बांटे जाने की बात सामने आती है। यही वजह है कि बाबा रोडे शाह की दरगाह की चर्चा दूर-दूर तक होती है। श्रद्धालुओं के लिए यह केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि वर्षों से चली आ रही एक ऐसी परंपरा का केंद्र है, जिसका स्वरूप आम धार्मिक स्थलों से काफी अलग दिखाई देता है।
करीब एक सदी पुराना है मेला
रिपोर्ट के मुताबिक बाबा रोडे शाह की दरगाह पर करीब 100 वर्षों से विशेष मेला आयोजित किया जा रहा है। समय के साथ इस मेले और दरगाह से जुड़ी परंपरा ने स्थानीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना ली है। मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं और अपनी आस्था के अनुसार बाबा के दरबार में चढ़ावा अर्पित करते हैं।
बाबा रोडे शाह की दरगाह से जुड़ी यह परंपरा धार्मिक आस्थाओं और स्थानीय संस्कृति में मौजूद विविधता को भी दिखाती है। जहां अधिकांश धार्मिक स्थलों पर प्रसाद के रूप में मिठाई या फल देखने को मिलते हैं, वहीं यहां शराब को चढ़ावे और प्रसाद से जोड़ने वाली परंपरा इसे खास बनाती है। यही वजह है कि यह दरगाह लंबे समय से श्रद्धालुओं और लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।