पटना , 31 अगस्त 2026 । पटना में बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर के सरकारी आवास से उनकी नेम प्लेट उखाड़कर ले जाने का मामला सामने आया है। खास बात यह है कि गृह प्रवेश के महज तीन दिन बाद यह घटना हुई। प्रशांत किशोर ने विधायक आवास को निजी इस्तेमाल के बजाय ‘बांकीपुर जन सेवा केंद्र’ के रूप में जनता को समर्पित किया था, जहां क्षेत्र के लोग अपनी समस्याएं और शिकायतें लेकर पहुंच सकते हैं।
गृह प्रवेश के तीन दिन बाद ही चोरी की वारदात
प्रशांत किशोर ने हाल ही में अपने इस सरकारी आवास में गृह प्रवेश किया था। उद्घाटन के महज तीन दिन बाद ही परिसर के बाहर लगी नेम प्लेट का गायब होना कई तरह के संदेह पैदा करता है। इस घटना से यह सवाल उठने लगा है कि आखिर किसके इशारे पर इस काम को अंजाम दिया गया है।
नेम प्लेट गायब होने की घटना के बाद राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसे लेकर तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं कि आखिर सरकारी आवास के बाहर लगी प्लेट किसने उखाड़ी और इसके पीछे किसी की राजनीतिक नाराजगी या निजी रंजिश तो नहीं थी। हालांकि, फिलहाल घटना के पीछे किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल की भूमिका की पुष्टि नहीं हुई है और जांच के बाद ही तस्वीर साफ होगी।
बांकीपुर विधायक को आवंटित हुआ था आवास संख्या 182
बांकीपुर विधानसभा सीट से विधायक चुने जाने के बाद प्रशांत किशोर को सरकार की ओर से आधिकारिक तौर पर आवास संख्या 182 आवंटित किया गया है। सोशल मीडिया और स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इसी आवास के मुख्य द्वार पर स्थापित बोर्ड को निशाना बनाया गया है। इस कैंपस में बिहार के तकरीबन सभी विधायकों का आवास है।
जनता के लिए समर्पित किया गया ‘बांकीपुर जन सेवा केंद्र’
- प्रशांत किशोर ने इस सरकारी आवास को अपने निजी उपयोग में न लाने का एक अहम निर्णय लिया था।
- उन्होंने इस आवास को ‘बांकीपुर जन सेवा केंद्र’ के नाम से जनता के लिए समर्पित किया था।
- इसका मुख्य उद्देश्य विधायक और आम जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है।
- यहां क्षेत्र के लोग अपनी समस्याएं, शिकायतें और सुझाव लेकर सीधे आ सकते हैं।
- इस केंद्र को जनहित के कार्यों और सार्वजनिक कार्यालय की तरह संचालित करने की योजना है।
- प्रशांत किशोर की योजना है कि इसी जन सेवा केंद्र से 10 हजार नौजवानों को नौकरी दी जाएगी।