कैथल, 21 अगस्त 2026 । हरियाणा में तहसील और राजस्व कार्यालयों से जुड़े कामकाज एक बार फिर प्रभावित होने से आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है। जमीन की रजिस्ट्री, इंतकाल, प्रमाण पत्र और अन्य राजस्व सेवाओं के लिए पहुंच रहे लोगों को समय पर काम नहीं मिल पा रहा है और उन्हें बार-बार तहसीलों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
एक इंतकाल में 179 पेज, खर्च 4,475 रुपए
कैथल में नए सॉफ्टवेयर की तकनीकी व्यवस्था का असर लोगों की जेब पर भी पड़ रहा है। खरीदारी के सुखविंद्र के अनुसार, जमीन के इंतकाल के लिए पहले एक पेज में काम हो जाता था, जिस पर करीब 25 रुपए खर्च आते थे। अब नए सॉफ्टवेयर में इसी प्रक्रिया के लिए 179 पेज निकलवाने पड़ रहे हैं। इससे खर्च बढ़कर 4,475 रुपए हो गया।
कर्मचारियों का कहना है कि डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य काम को आसान बनाना है, लेकिन तकनीकी दिक्कतों के कारण लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
कर्मचारियों की हड़ताल से कामकाज प्रभावित
तहसीलों में काम प्रभावित होने की प्रमुख वजह कर्मचारियों और विभिन्न वर्गों की अपनी मांगों को लेकर चल रही गतिविधियां बताई जा रही हैं। इससे राजस्व विभाग से जुड़े रोजमर्रा के कामों पर असर पड़ रहा है। दूसरी ओर, प्रदेश में हालिया कर्मचारी आंदोलनों के चलते भी सरकारी सेवाओं की रफ्तार प्रभावित हुई है।
जमीन-जायदाद से जुड़े कामों में परेशानी
तहसीलों में रजिस्ट्री, इंतकाल, भूमि रिकॉर्ड, नकल और अन्य जरूरी दस्तावेजों से जुड़े काम होते हैं। इन सेवाओं में देरी होने से सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को हो रही है जिन्हें जमीन की खरीद-बिक्री या किसी जरूरी कानूनी प्रक्रिया के लिए दस्तावेज समय पर चाहिए।
कई लोगों का कहना है कि उन्हें काम पूरा कराने के लिए बार-बार कार्यालय पहुंचना पड़ रहा है। इससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी हो रही है।
प्रशासन के सामने जल्द समाधान की चुनौती
तहसील स्तर पर कामकाज बाधित होने का सीधा असर आम जनता पर पड़ता है। ऐसे में प्रशासन के सामने कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने के साथ-साथ राजस्व सेवाओं को जल्द सामान्य करना चुनौती है।
फिलहाल लोगों की नजर इस बात पर है कि सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत से गतिरोध कब खत्म होता है और तहसीलों में कामकाज पूरी तरह सामान्य कब होता है।