गुरुग्राम, 21 अगस्त 2026 । गुरुग्राम में दो अलग-अलग मतदान बूथों पर BLO ड्यूटी लगाए जाने से परेशान एक सरकारी स्कूल की महिला शिक्षक ने आत्महत्या की कोशिश की। घटना गुरुग्राम मिनी सचिवालय में हुई, जहां महिला पांचवीं मंजिल की छत पर पहुंच गई थी। उसके पति ने समय रहते मौके पर पहुंचकर उसे रोक लिया और उसकी जान बचाई।
पीड़िता के पति का आरोप
शिक्षिका के पति दिनेश कुमार के मुताबिक, परिवार ने अधिकारियों से अतिरिक्त ड्यूटी से राहत देने की कई बार मांग की। उन्होंने 11 अगस्त को मुख्य चुनाव आयुक्त को भी पत्र लिखा था। इसके बाद 13 अगस्त को दंपती मिनी-सेक्रेटेरिएट पहुंचे। दिनेश का आरोप है कि चुनाव तहसीलदार अनीता यादव के साथ बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया। उन्होंने दावा किया कि उनकी पत्नी को दोनों ड्यूटी से बचने पर निलंबन और FIR की धमकी दी गई। इसके बाद वह बेहद परेशान हो गईं।
बताया जा रहा है कि महिला शिक्षक को दो अलग-अलग मतदान केंद्रों पर Booth Level Officer (BLO) की जिम्मेदारी दी गई थी। इसी ड्यूटी को लेकर वह चुनाव अधिकारियों से अपनी परेशानी बता रही थी। पति के मुताबिक, अतिरिक्त जिम्मेदारी और लगातार प्रशासनिक दबाव के कारण महिला काफी तनाव में थी।
मिनी सचिवालय में ड्यूटी से जुड़े विवाद के दौरान स्थिति उस समय गंभीर हो गई, जब महिला पांचवीं मंजिल की छत पर पहुंच गई। उसके पति को घटना की जानकारी मिली तो वह तत्काल मौके पर पहुंचे और उसे आत्मघाती कदम उठाने से रोक लिया। इस घटना के बाद सरकारी कर्मचारियों पर बढ़ते कार्यभार और चुनावी ड्यूटी से जुड़े दबाव को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
मामले में दोनों पक्षों की ओर से पुलिस को शिकायत दिए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब महिला शिक्षक, उसके पति और संबंधित अधिकारियों के बयानों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि दो बूथों की BLO ड्यूटी किस प्रक्रिया के तहत सौंपी गई थी और ड्यूटी को लेकर शिक्षक की ओर से पहले कोई आपत्ति दर्ज कराई गई थी या नहीं।
घटना ने चुनावी ड्यूटी में तैनात सरकारी कर्मचारियों के कार्यभार और मानसिक दबाव को लेकर गंभीर चर्चा छेड़ दी है। चुनाव प्रक्रिया के लिए BLO की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, लेकिन कर्मचारियों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी डालते समय उनकी क्षमता, उपलब्ध संसाधनों और काम के दबाव का संतुलन बनाए रखना भी जरूरी है।
फिलहाल पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच जारी है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि महिला के इस कदम के पीछे केवल दोहरी BLO ड्यूटी का दबाव था या इसके साथ कोई अन्य कारण भी जुड़ा हुआ था।