IPS बीबीजीटीएस मूर्ति कौन हैं? कासगंज में अपराधियों पर कसा शिकंजा
मेरठ, 21 अगस्त 2026 । उत्तर प्रदेश कैडर के 2015 बैच के IPS अधिकारी बीबीजीटीएस मूर्ति का नाम तेजतर्रार पुलिस अधिकारियों में लिया जाता है। केंद्र सरकार के रिकॉर्ड में उनका बैच 2015 और कैडर उत्तर प्रदेश दर्ज है।
बीबीजीटीएस मूर्ति को कासगंज में पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी भी मिल चुकी है। उनके कार्यकाल के दौरान पुलिस ने कई गंभीर आपराधिक मामलों में कार्रवाई की। एक नाबालिग की हत्या और लूट से जुड़े मामले को पुलिस ने महज 48 घंटे में सुलझाने का दावा किया था। इस कार्रवाई में डॉग स्क्वॉड की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी और तत्कालीन SP मूर्ति ने पुलिस टीम की सराहना की थी।
बीबीजीटीएस मूर्ति झांसी में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक थे। इससे पहले वे कासगंज और कानपुर देहात में पुलिस अधीक्षक (SP) के पद पर तैनात रह चुके हैं। मूर्ति सन 2015 में यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा के जरिए सीधे भर्ती के तहत उत्तर प्रदेश कैडर में आईपीएस चयनित हुए थे। व पिछले 11 साल से भारतीय पुलिस सेवा में हैं। मूर्ति 22 अप्रैल 2025 से झांसी में तैनात थे। आईपीएस बनने के बाद 2015 में उनको पहली पोस्टिंग गाजियाबाद में मिली थी। वे लखनऊ में इंटेजीजेंस में भी एसपी भी रह चुके हैं।
कासगंज में रहते हुए उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यशैली में बदलाव पर भी जोर दिया। 2022 में उनके नेतृत्व में जिले के कई निरीक्षकों और उपनिरीक्षकों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया था, जिसमें क्राइम ब्रांच और चुनाव प्रकोष्ठ से जुड़ी जिम्मेदारियां भी शामिल थीं।
उनका पुलिसिंग अनुभव कासगंज तक सीमित नहीं रहा। इससे पहले वह कानपुर कमिश्नरेट में DCP के पद पर तैनात रह चुके हैं। 2022 में उत्तर प्रदेश सरकार के बड़े IPS फेरबदल में उन्हें कानपुर से कासगंज का SP बनाया गया था।
IPS मूर्ति का करियर पुलिसिंग और कानून-व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पदों पर जिम्मेदारियों से भरा रहा है। सरकारी रिकॉर्ड में भी उनका नाम उत्तर प्रदेश कैडर के IPS अधिकारियों की सूची में दर्ज है।
हालांकि, मेरठ के मौजूदा पुलिस प्रमुख के रूप में उनकी नियुक्ति की पुष्टि उपलब्ध आधिकारिक रिकॉर्ड से नहीं होती। उत्तर प्रदेश के हालिया जिला पुलिस रिकॉर्ड में मेरठ के SP के तौर पर विपिन टाडा का नाम दर्ज है। इसलिए मेरठ की नई पोस्टिंग से जुड़ी जानकारी को आधिकारिक आदेश आने तक सावधानी से देखना उचित होगा।