मेरठ में 8 माह की बेटी को गोद में लेकर ससुराल के बाहर बैठी विवाहिता
मेरठ , 20 अगस्त 2026 । मेरठ में दहेज उत्पीड़न का एक मामला सामने आया है, जहां एक विवाहिता अपनी आठ माह की बेटी को गोद में लेकर ससुराल के दरवाजे पर बैठ गई। महिला का आरोप है कि उसके ससुराल पक्ष की ओर से 30 लाख रुपये दहेज की मांग की जा रही है। महिला के ससुराल के बाहर बैठने का मामला सामने आने के बाद आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई और घटना चर्चा का विषय बन गई।
सूचना पर सिविल लाइंस थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन ससुराल पक्ष ने विवाहिता को अपने साथ रखने से साफ इन्कार कर दिया। पुलिस ने पीड़िता से मिली शिकायत पत्र पर की जाँच शुरू। ससुरालियों का कहना था कि उन्होंने अपने बेटे को पहले ही बेदखल कर दिया है। ऐसे में उनका बहू और उसकी बेटी से कोई संबंध नहीं है। देर रात तक चले हंगामे के बाद विवाहिता ने ससुराल पक्ष के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है।
विवाहिता का आरोप है कि शादी के बाद से ही उसे दहेज को लेकर परेशान किया जा रहा था। कथित तौर पर मांग पूरी नहीं होने पर उसके साथ विवाद और उत्पीड़न किया गया। महिला का कहना है कि वह अपने वैवाहिक जीवन और छोटी बेटी के भविष्य को लेकर लगातार दबाव में रही। आखिरकार उसने ससुराल के दरवाजे पर पहुंचकर अपना पक्ष रखने का फैसला किया।
आठ माह की बच्ची को गोद में लेकर घर के बाहर बैठी महिला की स्थिति ने मामले को और गंभीर बना दिया। महिला का कहना है कि वह अपने अधिकार और सम्मान के लिए ससुराल पहुंची है। वह चाहती है कि उसके साथ न्याय हो और दहेज की कथित मांग तथा उत्पीड़न की निष्पक्ष जांच की जाए।
मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस से शिकायत किए जाने की बात सामने आई है। अब जांच के दौरान पुलिस विवाहिता के आरोपों, ससुराल पक्ष के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल करेगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
दहेज की मांग को लेकर होने वाले विवादों में अक्सर वैवाहिक रिश्तों पर गंभीर असर पड़ता है। इस मामले में भी आठ माह की बच्ची की मौजूदगी ने स्थिति को संवेदनशील बना दिया है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में 30 लाख रुपये की कथित दहेज मांग और उत्पीड़न के आरोपों को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं।