बिहार की जीविका दीदियां खोलेंगी सुधा बूथ, सरकार देगी 60 हजार रुपये तक की मदद

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पटना, 19 अगस्त 2026 । बिहार की जीविका दीदियों के लिए सरकार ने स्वरोजगार का नया रास्ता तैयार किया है। राज्यभर की ग्राम पंचायतों में सुधा बिक्री केंद्र यानी सुधा बूथ स्थापित करने की योजना बनाई गई है। इसके तहत चयनित जीविका दीदियों को सुधा बूथ खोलने के लिए 60 हजार रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी। बिहार ग्रामीण आजीविका संवर्धन समिति (JEEViKA) की ओर से सभी 8,053 ग्राम पंचायतों में सुधा बिक्री केंद्र स्थापित करने के लिए दिशानिर्देश भी जारी किए गए हैं।

दरअसल सरकार ने आगामी दो से तीन वर्षों में डेढ़ करोड़ जीविका दीदियों को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा है। अधिकारियों के मुताबिक अब तक राज्य में 50 लाख दीदियों को लखपति बनाया जा चुका है।

इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार और नियमित आमदनी का अवसर उपलब्ध कराना है। सुधा बूथ के जरिए दूध, दही, घी और अन्य डेयरी उत्पादों की बिक्री की जा सकेगी। इससे एक ओर जीविका दीदियों को स्वरोजगार मिलेगा, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण इलाकों में सुधा के उत्पाद आसानी से उपलब्ध होंगे।

सरकार की योजना के तहत करीब 8 हजार जीविका दीदियों को सुधा बूथ खोलने के लिए 60-60 हजार रुपये तक की सहायता दिए जाने की जानकारी सामने आई है। इस राशि का इस्तेमाल डीप फ्रीजर, विजी कूलर, दुकान की ब्रांडिंग, परिवहन सहायता, पेंटिंग, मरम्मत और अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए किया जा सकता है।

योजना का लाभ लेने के लिए महिला का जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ा होना जरूरी है। साथ ही संबंधित पंचायत क्षेत्र में अपनी या किराये की दुकान उपलब्ध होना भी पात्रता की प्रमुख शर्तों में शामिल है। यदि किसी पंचायत से एक से अधिक आवेदन आते हैं तो चयन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा।

यह पहल मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। सरकार जीविका दीदियों की आय बढ़ाने और उन्हें अलग-अलग तरह के व्यवसाय से जोड़ने पर जोर दे रही है। इसी क्रम में जीविका के माध्यम से बड़े स्तर पर ऋण सुविधा उपलब्ध कराने की भी तैयारी है।

सुधा बूथ खुलने से ग्रामीण बाजार में डेयरी उत्पादों की बिक्री को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। महिलाओं के लिए यह योजना छोटे स्तर से कारोबार शुरू करने का अवसर दे सकती है। अगर बूथों का संचालन नियमित और स्थानीय मांग के अनुरूप होता है तो इससे जीविका दीदियों की आमदनी बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

बिहार सरकार और JEEViKA की इस पहल से हजारों ग्रामीण महिलाओं को अपने गांव और पंचायत में ही कारोबार शुरू करने का अवसर मिलेगा। आने वाले समय में सुधा बिक्री केंद्रों की स्थापना और लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया के साथ योजना का वास्तविक असर सामने आएगा।

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