पटना, 18 अगस्त 2026 । पटना नगर निगम ने अपनी ही मेयर सीता साहू को नोटिस जारी कर दिया है। नगर निगम की इस कार्रवाई के बाद पटना की सियासत और नगर प्रशासन में हलचल तेज हो गई है। खास बात यह है कि जिस नगर निगम की मेयर शहर की व्यवस्था और प्रशासनिक कामकाज की प्रमुख जिम्मेदारी संभालती हैं, उसी निगम की ओर से उन्हें नोटिस भेजे जाने से मामला चर्चा में आ गया है।
मेयर सीता साहू और बेटों के नाम नोटिस
अजीमाबाद अंचल की ओर से जारी आधिकारिक नोटिस बड़ी पटन देवी गली, महाराजगंज, पटना सिटी स्थित परिसर को लेकर जारी किया गया है। यह नोटिस भू-स्वामी शिशिर कुमार, मेयर सीता देवी और सुशांत के नाम पर है। नोटिस में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में यदि आवासीय क्षेत्र में गैर-आवासीय गतिविधि पाई जाती है, तो संबंधित पक्ष को 24 घंटे के भीतर लिखित स्पष्टीकरण और उससे जुड़े वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
नगर निगम की कार्रवाई का असर केवल मेयर तक सीमित नहीं है। बताया जा रहा है कि शहर में 26 हजार से अधिक मकानों पर भी सीलिंग का खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में यह मामला बड़ी संख्या में मकान मालिकों और शहर के रिहायशी इलाकों से जुड़ा हुआ है। यदि संबंधित संपत्तियों के मामले में नगर निगम की कार्रवाई आगे बढ़ती है तो इसका व्यापक असर देखने को मिल सकता है।
नोटिस जारी किए जाने के बाद अब संबंधित पक्षों से जवाब और जरूरी दस्तावेज मांगे जाने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। नगर निगम की ओर से संपत्तियों से जुड़े नियमों, निर्माण की स्थिति और उपलब्ध रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। जिन मकानों को कार्रवाई के दायरे में रखा गया है, उनके मालिकों के लिए भी यह स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है।
मेयर सीता साहू को नगर निगम की ओर से नोटिस भेजे जाने के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। नगर निकाय की आंतरिक व्यवस्था और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, नोटिस जारी होना अपने आप में अंतिम कार्रवाई नहीं है और संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने का अवसर मिल सकता है।
26 हजार से ज्यादा मकानों पर सीलिंग के खतरे की खबर ने शहर के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। प्रभावित मकान मालिकों की नजर अब नगर निगम के अगले कदम और प्रशासन की ओर से जारी होने वाले निर्देशों पर है। यदि कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ती है तो बड़ी संख्या में लोगों को अपने मकानों से जुड़े दस्तावेज और निर्माण संबंधी स्थिति स्पष्ट करनी पड़ सकती है।
फिलहाल नगर निगम के नोटिस और संभावित सीलिंग कार्रवाई को लेकर पटना में चर्चा तेज है। मामले में आगे की कार्रवाई और संबंधित पक्षों के जवाब के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कितने मकानों पर वास्तव में कार्रवाई होती है और मेयर को भेजे गए नोटिस का क्या परिणाम निकलता है।