‘वारिस पंजाब दे’ नेटवर्क पर IB की पैनी नजर, आरोपी जोगा सिंह से 16 घंटे तक हुई पूछताछ
लखनऊ, 13 अगस्त 2026 । नेपाल के रास्ते दो अमेरिकी नागरिकों और कथित खालिस्तान समर्थक सदस्यों विक्रमजीत सिंह और मनबीर सिंह ढिल्लो को भारत में अवैध रूप से प्रवेश करवाने में मदद करने के आरोपी जोगा सिंह गिरफ्तार ‘वारिस पंजाब दे’ से जुड़े नेटवर्क की जांच में सुरक्षा एजेंसियों को अहम जानकारी मिलने की बात सामने आई है। मामले में गिरफ्तार आरोपी जोगा सिंह से इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) ने करीब 16 घंटे तक पूछताछ की। लंबी पूछताछ के दौरान एजेंसी ने आरोपी से संगठन से जुड़े लोगों, संपर्कों, गतिविधियों और संभावित नेटवर्क को लेकर कई सवाल किए।
नेपाल के रास्ते दो अमेरिकी नागरिकों और कथित खालिस्तान समर्थक सदस्यों विक्रमजीत सिंह और मनबीर सिंह ढिल्लो को भारत में अवैध रूप से प्रवेश करवाने में मदद करने के आरोपी जोगा सिंह से आईबी ने करीब 16 घंटे तक पूछताछ की।
भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा बढ़ी
जोगा सिंह की गिरफ्तारी के बाद भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। खासतौर पर चोरी छिपे जाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले रास्तों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है। इन रास्तों का इस्तेमाल जांच चौकियों से बचकर भारत में प्रवेश करने के लिए किया जा सकता है। सुरक्षा एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि नेपाल के रास्ते भारत में प्रवेश की यह कोशिश एक अलग घटना थी या इसके पीछे कोई बड़ा लॉजिस्टिक नेटवर्क सक्रिय है।
सुरक्षा एजेंसियों के लिए क्यों अहम है जांच?
‘वारिस पंजाब दे’ से जुड़े मामलों में सुरक्षा एजेंसियों की रुचि का प्रमुख कारण संगठन से जुड़े नेटवर्क और उसकी गतिविधियों की पड़ताल करना है। किसी भी संभावित आपराधिक या सुरक्षा संबंधी नेटवर्क की जांच में एजेंसियां उसके संपर्कों, संसाधनों और गतिविधियों की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास करती हैं।
जोगा सिंह से 16 घंटे की पूछताछ इसी जांच प्रक्रिया का हिस्सा बताई जा रही है। अब एजेंसियां पूछताछ के दौरान मिली जानकारी की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करने में जुट सकती हैं।
आगे बढ़ सकती है जांच
जांच एजेंसियों को यदि पूछताछ से ठोस सुराग मिलते हैं तो आने वाले दिनों में नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों से भी पूछताछ या कार्रवाई की संभावना बढ़ सकती है। डिजिटल और वित्तीय साक्ष्यों की जांच के जरिए सामने आई जानकारियों को पुख्ता करने की कोशिश की जाएगी।फिलहाल जांच का केंद्र जोगा सिंह से मिली जानकारी और उसके संभावित संपर्कों पर है। एजेंसियां पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़कर मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं।