नई दिल्ली, 13 अगस्त 2026 । राजधानी दिल्ली में पैदल यात्रियों की सुविधा और सड़क यातायात को बेहतर बनाने की दिशा में निर्माण विहार इलाके में ITO की तर्ज पर स्काईवॉक विकसित करने की योजना सामने आई है। व्यस्त मार्ग पर पैदल यात्रियों की लगातार आवाजाही के कारण अक्सर सड़क पार करने में परेशानी होती है और वाहनों की रफ्तार भी प्रभावित होती है। प्रस्तावित स्काईवॉक बनने के बाद लोगों को सड़क पर वाहनों के बीच से गुजरने की जरूरत कम होगी और पैदल आवाजाही अधिक सुरक्षित एवं सुगम हो सकेगी।
स्काईवॉक की योजना पर क्या है PWD का कहना
पीडब्ल्यूडी अफसरों के अनुसार, विकास मार्ग और पटपड़गंज रोड जंक्शन पर स्थित निर्माण विहार ट्रैफिक सिग्नल के पास ही मेट्रो स्टेशन है। V3S मॉल, कई कोचिंग सेंटर, बाजार और कई ऑफिस भी आसपास है। इससे इस ट्रैफिक जंक्शन पर रोड क्रॉस करने वाले पैदल यात्रियों की संख्या हजारों में है। पैदल यात्रियों के सुरक्षित रोड क्रॉस करने के लिए यहां स्काईवॉक निर्माण की योजना बनाई गई है। स्थानीय लोग भी लंबे समय से एफओबी निर्माण की मांग कर रहे थे।
निर्माण विहार में स्काईवॉक से बदलेगी पैदल आवाजाही
निर्माण विहार राजधानी के प्रमुख व्यावसायिक और आवासीय इलाकों में शामिल है। यहां बाजार, कार्यालय, मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन से जुड़े स्थानों के कारण दिनभर बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रहती है। पीक आवर्स में पैदल यात्रियों के सड़क पार करने से यातायात पर दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में स्काईवॉक को पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाना अहम कदम माना जा रहा है।
ITO पर बने स्काईवॉक की तर्ज पर तैयार होने वाली यह सुविधा पैदल यात्रियों को सड़क के ऊपर से सुरक्षित तरीके से एक तरफ से दूसरी तरफ जाने में मदद कर सकती है। इससे सड़क पर पैदल क्रॉसिंग कम होने के साथ वाहनों की आवाजाही भी अधिक व्यवस्थित होने की उम्मीद है।
पैदल यात्रियों की सुरक्षा पर रहेगा जोर
दिल्ली में बढ़ते यातायात के बीच सुरक्षित पैदल बुनियादी ढांचा शहर की बड़ी जरूरत बन चुका है। केवल सड़क चौड़ी करने या फ्लाईओवर बनाने के बजाय पैदल यात्रियों के लिए अलग और सुरक्षित मार्ग तैयार करना भी जरूरी है। निर्माण विहार का प्रस्ताव इसी दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यदि स्काईवॉक का डिजाइन पैदल यात्रियों की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है, तो यह क्षेत्र में सड़क सुरक्षा के साथ-साथ यातायात व्यवस्था को भी बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।
दिल्ली में स्काईवॉक मॉडल को मिल रहा बढ़ावा
ITO समेत दिल्ली के कई व्यस्त इलाकों में पैदल यात्रियों के लिए स्काईवॉक और फुटओवर ब्रिज जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। इनका उद्देश्य सड़क पर पैदल क्रॉसिंग को कम करना और लोगों को सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराना है। निर्माण विहार में प्रस्तावित स्काईवॉक भी इसी मॉडल को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप आगे बढ़ाने की कोशिश माना जा रहा है। आने वाले समय में यदि परियोजना को निर्धारित समय में पूरा किया जाता है और आसपास के फुटपाथ व सड़क नेटवर्क को भी व्यवस्थित किया जाता है, तो निर्माण विहार में पैदल आवागमन और ट्रैफिक प्रबंधन दोनों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।