20 साल पुराने मामले में आजम खान की बढ़ी मुश्किलें
प्रयागराज में 4 करोड़ के पार्क पर कब्जे का आरोप
प्रयागराज, 10 अगस्त 2026 । समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से जुड़ा करीब दो दशक पुराना मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। प्रयागराज में करोड़ों रुपये की कीमत वाले पार्क पर कथित कब्जे के मामले में अब कार्रवाई की दिशा में जांच आगे बढ़ रही है। आरोप है कि पार्क की जमीन पर अतीक अहमद से जुड़े लोगों का प्रभाव रहा और करीब 4 करोड़ रुपये की संपत्ति को लेकर विवाद खड़ा हुआ था।
इस एसआईटी में एडीएम सिटी सत्यम कुमार मिश्र, PDA सचिव विनीत कुमार सिंह और DCP सिटी मनीष शांडिल्य शामिल हैं। कब्जे वाली प्रॉपर्टी की कीमत 4 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
अतीक अहमद के करीबियों पर कब्जे का आरोप
यह पूरा मामला 2006 का है। उस दौरान यूपी में सपा सरकार थी। आजम खान नगर विकास मंत्री हुआ करते थे। आरोप है कि 14, 15 और 18 अगस्त को तीन दिन की लगातार सार्वजनिक छुट्टी का फायदा उठाकर माफिया अतीक अहमद के करीबियों ने पार्क की सरकारी जमीन पर कब्जा करना शुरू कर दिया था।
अतीक अहमद के करीबियों का नाम
इस मामले में माफिया से नेता बने अतीक अहमद के करीबियों के नाम भी सामने आने की बात कही जा रही है। हालांकि किसी व्यक्ति की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा। प्रशासन पुराने रिकॉर्ड के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि जमीन पर कब्जे की पूरी प्रक्रिया किस तरह हुई।
आजम खान की भूमिका पर उठे सवाल
मामले में आजम खान का नाम सामने आने के बाद राजनीतिक स्तर पर भी हलचल बढ़ सकती है। हालांकि किसी भी आरोप को अदालत में साबित होना बाकी है। जांच एजेंसियां और प्रशासन यदि कोई कार्रवाई करते हैं तो उसके आधार पर मामले की आगे की तस्वीर स्पष्ट होगी।
20 साल बाद क्यों अहम है मामला?
करीब दो दशक पुराने मामलों में सबसे बड़ी चुनौती पुराने दस्तावेजों, रिकॉर्ड और संबंधित घटनाओं की कड़ियों को जोड़ना होती है। ऐसे में प्रशासन के लिए जमीन के मूल रिकॉर्ड से लेकर बाद में हुए बदलावों तक की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी। यदि जांच में अनियमितता या अवैध कब्जे की पुष्टि होती है तो संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।