मसूरी में नमाज स्थल हटाने के बाद बढ़ा तनाव, हाईवे जाम से यातायात प्रभावित, प्रशासन ने संभाला मोर्चा

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मसूरी , 01 अगस्त 2026 । उत्तराखंड के मसूरी में करीब 200 साल पुराने बताए जा रहे एक नमाज स्थल पर प्रशासन की कार्रवाई के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई। कार्रवाई के विरोध में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने हाईवे पर प्रदर्शन करते हुए जाम लगा दिया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति को सामान्य करने का प्रयास किया।

‘यह मस्जिद नहीं, अंतिम नमाज का स्थल था’

प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि जिस ढांचे को प्रशासन ने मस्जिद बताकर हटाया है, वह नियमित नमाज अदा करने वाली मस्जिद नहीं थी। यह एक टीनशेड था, जहां कब्रिस्तान में दफनाने से पहले मृतकों की अंतिम नमाज (जनाजा नमाज) अदा की जाती थी। उनका दावा है कि यह स्थान करीब 200 वर्षों से उनके धार्मिक उपयोग में रहा है और यहां उनके पूर्वज दफन हैं। समुदाय के लोगों ने सवाल उठाया कि यदि भूमि सरकारी थी तो इतने सालों तक किसी प्रशासन ने इस पर आपत्ति क्यों नहीं जताई। उनका कहना है कि धार्मिक मामलों में प्रशासन को पहले संवाद और सहमति का रास्ता अपनाना चाहिए था।

प्रशासन का कहना है कि संबंधित स्थल पर की गई कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर की गई है। वहीं प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप है कि यह धार्मिक आस्था से जुड़ा स्थान था और कार्रवाई से पहले उनकी आपत्तियों पर पर्याप्त विचार नहीं किया गया। दोनों पक्ष अपने-अपने दावे पेश कर रहे हैं, जबकि मामले से जुड़े तथ्यों की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है।

हाईवे जाम के कारण स्थानीय लोगों, पर्यटकों और अन्य यात्रियों को घंटों तक ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा। पुलिस ने यातायात को सुचारु बनाने के लिए वैकल्पिक मार्गों का सहारा लिया और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि किसी पक्ष को प्रशासनिक कार्रवाई पर आपत्ति है, तो वह कानूनी प्रक्रिया के तहत अपनी बात रख सकता है। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

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