लखनऊ में भवन निर्माण नियम हुए सख्त, फायर NOC के बिना नहीं पास होगा नक्शा
लखनऊ, 30 जुलाई 2026 । लखनऊ में बढ़ती आग की घटनाओं और भवन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए Lucknow Development Authority (LDA) ने भवन निर्माण नियमों को और सख्त कर दिया है। अब निर्धारित श्रेणी के भवनों का नक्शा पास कराने के लिए फायर विभाग की नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (Fire NOC) अनिवार्य होगी। बिना फायर एनओसी के ऐसे भवनों के नक्शे को स्वीकृति नहीं दी जाएगी। इस फैसले का उद्देश्य नई इमारतों में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना और भविष्य में आग जैसी दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करना है।
बिना एनओसी के फाइल नहीं बढ़ेगी आगे
एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने उत्तर प्रदेश अग्नि सुरक्षा एवं आपात सेवा अधिनियम 2022 और नियमावली 2024 के प्रावधानों को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। उन्होंने बताया कि जिन भवनों के लिए नियमानुसार फायर एनओसी जरूरी है, उनका मनचित्र तभी जारी होगा जब अग्निशमन विभाग का वैध प्रमाण-पत्र प्रस्तुत होगा। बिना एनओसी के फाइल आगे नहीं बढ़ेगी।
एलडीए के अनुसार, व्यावसायिक भवनों, बहुमंजिला इमारतों, अस्पतालों, स्कूलों, होटल, मॉल और अन्य निर्धारित श्रेणी की इमारतों में फायर सेफ्टी व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाएगी। भवन निर्माण की स्वीकृति से पहले यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रस्तावित इमारत में अग्निशमन उपकरण, फायर एग्जिट, आपातकालीन निकासी मार्ग, पानी की पर्याप्त व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन किया गया है। निर्धारित मानकों के अनुरूप फायर विभाग से एनओसी मिलने के बाद ही नक्शा स्वीकृत किया जाएगा।
प्रशासन का मानना है कि हाल के वर्षों में आग लगने की घटनाओं ने यह स्पष्ट किया है कि कई इमारतों में पर्याप्त अग्नि सुरक्षा व्यवस्था नहीं होती, जिससे जान-माल का बड़ा नुकसान होता है। इसी कारण भवन निर्माण की प्रारंभिक प्रक्रिया से ही फायर सेफ्टी को अनिवार्य बनाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और सुरक्षित शहरी विकास को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
एलडीए ने भवन स्वामियों, बिल्डरों और डेवलपर्स से अपील की है कि वे निर्माण शुरू करने से पहले सभी आवश्यक अनुमतियां और फायर सुरक्षा संबंधी मानकों का पालन करें। नियमों की अनदेखी करने पर नक्शा स्वीकृत न होने के साथ-साथ संबंधित कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। प्रशासन का कहना है कि सख्त अनुपालन से भविष्य में आग की घटनाओं के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकेगा और शहर में सुरक्षित निर्माण संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।