सेंट स्टीफंस कॉलेज का नया ड्रेस कोड विवादों में, शॉर्ट्स पहनने पर रोक से छात्रों के बीच छिड़ी बहस

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नई दिल्ली, 30  जुलाई 2026 । दिल्ली यूनिवर्सिटी से संबद्ध प्रतिष्ठित सेंट स्टीफंस कॉलेज में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ड्रेस कोड को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कॉलेज प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में परिसर के कई हिस्सों में शॉर्ट्स पहनकर आने पर रोक लगाने का फैसला किया गया है। इस निर्णय के बाद छात्रों के बीच इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ छात्र इसे अनुशासन और संस्थान की गरिमा बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम बता रहे हैं, जबकि कई छात्र इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता और पहनावे की पसंद पर अनावश्यक हस्तक्षेप मान रहे हैं।

कॉलेज की प्रिंसिपल प्रो. सुज़न एलियास द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के तहत स्टूडेंट्स के कॉलेज कैंपस के कई प्रमुख स्थानों पर शॉर्ट्स पहनकर आने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। छात्राएं अब क्लासरूम, ट्यूटोरियल रूम, लैब, असेंबली हॉल, लाइब्रेरी और डाइनिंग हॉल में शॉर्ट्स पहनकर नहीं जा सकेंगी।

  • NSUI ने भी इस फैसले की आलोचना की, कहा- यह स्टूडेंट्स के अधिकारों पर हमला
  • कॉलेज प्रशासन ने ड्रेस कोड के अलावा कई और नए नियम स्टूडेंट्स के लिए किए लागू

हर समय आईडी कार्ड साथ रखना होगा

कॉलेज प्रशासन ने कुछ अन्य निर्देश भी जारी किए हैं। परिसर को पूरी तरह से स्मोक-फ्री घोषित किया गया है और इसका उल्लंघन करने वालों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। परिसर में स्वच्छता का ध्यान रखने, कचरा केवल कूड़ेदान में डालने और सभी छात्रों के लिए हर समय अपना आईडी कार्ड साथ रखना जरूरी किया गया है।

कॉलेज प्रशासन का कहना है कि संस्थान का उद्देश्य एक सम्मानजनक और पेशेवर शैक्षणिक वातावरण बनाए रखना है। इसी कारण छात्रों से ऐसे परिधान पहनने की अपेक्षा की गई है जो कॉलेज के माहौल के अनुरूप हों। दिशा-निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि शॉर्ट्स, अत्यधिक कैजुअल कपड़ों और कुछ अन्य परिधानों को परिसर के निर्धारित क्षेत्रों में पहनने से बचने की सलाह दी गई है।

दूसरी ओर, छात्रों के एक वर्ग का कहना है कि कॉलेज को ड्रेस कोड लागू करने के बजाय शिक्षा, शोध और छात्र सुविधाओं पर अधिक ध्यान देना चाहिए। सोशल मीडिया पर भी इस फैसले को लेकर बहस तेज हो गई है। कई पूर्व छात्रों और शिक्षा से जुड़े लोगों ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा कि संस्थानों को अनुशासन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के बीच संतुलन बनाए रखना चाहिए।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि कॉलेजों में ड्रेस कोड लागू करना कोई नई बात नहीं है, लेकिन ऐसे नियमों को लागू करते समय छात्रों के साथ संवाद और पारदर्शिता जरूरी होती है। इससे अनावश्यक विवादों से बचा जा सकता है और छात्रों में नियमों के प्रति बेहतर समझ विकसित होती है। फिलहाल सेंट स्टीफंस कॉलेज का यह फैसला नए सत्र की शुरुआत में ही चर्चा का विषय बन गया है और आने वाले दिनों में इस पर छात्रों एवं प्रशासन के बीच और संवाद होने की संभावना है।

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