नई दिल्ली, 30 जुलाई 2026 । दिल्ली में लाखों घरों तक नियमित रूप से दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जा रही है, लेकिन बड़ी संख्या में उपभोक्ता लंबे समय से पानी का बिल जमा नहीं कर रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 30 लाख से अधिक घरों में जल बोर्ड की सप्लाई पहुंच रही है, जबकि इनमें से बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के बिल बकाया हैं। लगातार बढ़ते बकाया के कारण दिल्ली जल बोर्ड की वित्तीय स्थिति पर दबाव बढ़ रहा है, जिससे जल आपूर्ति व्यवस्था, पाइपलाइन विस्तार, नई परियोजनाओं और रखरखाव कार्यों पर भी असर पड़ रहा है।
पानी मंत्री प्रवेश वर्मा ने बताया प्लान
मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि e-KYC का काम अगले छह महीनों में पूरे शहर में किया जाएगा। इसके लिए एजेंसियां लगभग 700 कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को काम पर रखेंगी। दिल्ली जल बोर्ड एक इंटर्नशिप प्रोग्राम भी शुरू करेगा, जिसके तहत हर साल 40 युवाओं को 10,000 रुपये के मासिक स्टाइपेंड पर काम पर रखा जाएगा। इस बीच, DJB ने राजधानी की लंबे समय तक पानी जमा करने की क्षमता को बेहतर बनाने और यमुना को साफ करने की बड़ी कोशिश के तहत कई प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है।
इसी स्थिति को देखते हुए दिल्ली सरकार ने अब बकाया वसूली के लिए सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। सरकार का उद्देश्य राजस्व संग्रह बढ़ाना और जल बोर्ड की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है, ताकि राजधानी में बेहतर और निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। इसके तहत लंबे समय से बिल जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं की पहचान की जाएगी और उन्हें नोटिस भेजे जाएंगे। निर्धारित समय के भीतर भुगतान नहीं करने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई भी की जा सकती है।
सरकार डिजिटल भुगतान प्रणाली को भी बढ़ावा दे रही है ताकि उपभोक्ता घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से अपने पानी के बिल का भुगतान कर सकें। साथ ही, जल बोर्ड की बिलिंग प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए तकनीकी सुधारों पर भी काम किया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि समय पर बिल भुगतान से जल आपूर्ति सेवाओं में सुधार होगा और नई जल परियोजनाओं को गति मिलेगी।
दिल्ली सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे समय पर अपने पानी के बिल का भुगतान करें, ताकि राजधानी में जल सेवाओं को बेहतर बनाया जा सके और भविष्य में पेयजल से जुड़ी किसी भी प्रकार की समस्या से बचा जा सके। सरकार का कहना है कि नियमित बिल भुगतान से जल बोर्ड की आय बढ़ेगी, जिसका सीधा लाभ दिल्लीवासियों को बेहतर जल आपूर्ति और आधुनिक जल अवसंरचना के रूप में मिलेगा।