पटना , 29 जुलाई 2026 । बिहार कैडर के 2012 बैच के IAS अधिकारी कुंदन कुमार इन दिनों पटना के जिलाधिकारी (DM) के रूप में चर्चा में हैं। हाल ही में उन्हें पटना का डीएम नियुक्त किया गया और अब बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने की अहम जिम्मेदारी उनके कंधों पर है। चुनाव के दौरान प्रशासनिक तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था, आदर्श आचार संहिता के पालन और मतदान प्रक्रिया की निगरानी में उनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कॉरपोरेट नौकरी से IPS और फिर IAS बनने तक का सफर
25 दिसंबर 1981 को बिहार के मुंगेर में जन्मे कुंदन कुमार ने यूपी टेक्निकल यूनिवर्सिटी (लखनऊ) से इलेक्ट्रॉनिक्स में B. Tech किया है। फिर मुंबई में एक एमएनसी में करीब पांच साल तक जॉब की।
- इंजीनियरिंग में करियर: कॉलेज के बाद उन्होंने मुंबई की एक नामी कंपनी में करीब 5 वर्षों तक शानदार नौकरी की।
- UPSC में पहला प्रयास: साल 2009 में यूपीएससी परीक्षा पास कर वे भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी बने।
- IAS बनने का सपना: सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने दोबारा परीक्षा दी और 2012 में IAS की मंजिल हासिल की।
- अलग-अलग अनुभव: उन्होंने प्रशासनिक करियर में SDO, DDC और DM जैसे कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी संभाली।
कुंदन कुमार का शैक्षणिक सफर भी प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने बी.टेक (इलेक्ट्रॉनिक्स) की पढ़ाई की और इंजीनियरिंग क्षेत्र में करियर शुरू करने के बाद सिविल सेवा की तैयारी की। यूपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल कर वे भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में शामिल हुए। अपने प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान उन्होंने बांका, पश्चिम चंपारण, पूर्णिया और नालंदा जैसे जिलों में जिलाधिकारी सहित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। विभिन्न जिलों में उनके कार्यों को प्रशासनिक सुधार और प्रभावी शासन के लिए सराहा गया है।
पटना के जिलाधिकारी के रूप में उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी बांकीपुर उपचुनाव को स्वतंत्र और निष्पक्ष ढंग से कराना है। इसके तहत मतदान केंद्रों की तैयारी, सुरक्षा बलों की तैनाती, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी, चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन और मतदान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्रमुख जिम्मेदारियां हैं। चुनाव प्रचार समाप्त होने के बाद जिला प्रशासन ने निर्वाचन प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।
राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जा रहे बांकीपुर उपचुनाव पर पूरे बिहार की नजर है। ऐसे में पटना जिला प्रशासन की कार्यशैली और चुनावी प्रबंधन भी चर्चा का विषय बना हुआ है। चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करना और मतदाताओं का विश्वास बनाए रखना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी।