हर बारिश में क्यों टूटती हैं मसूरी की सड़कें?

हुसैनगंज में फिर आफत, दो घरों पर मंडराया खतरा

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मसूरी, 27  जुलाई 2026 । उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मसूरी में हर मानसून के दौरान सड़कें धंसने और भूस्खलन की घटनाएं आम होती जा रही हैं। इस बार भारी बारिश के बाद हुसैनगंज क्षेत्र में सड़क का बड़ा हिस्सा धंस गया, जिससे आसपास के दो मकानों पर खतरा मंडराने लगा है। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र का सर्वे शुरू कर सुरक्षा उपाय तेज कर दिए हैं।

हर बरसात में एक जैसा हाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि हुसैनगंज लंबे समय से भूस्खलन और सड़क धंसने की समस्या झेल रहा है। हर मानसून में खतरा बढ़ जाता है, लेकिन स्थायी सुरक्षा कार्य अब तक नहीं हो सके हैं। लोगों का आरोप है कि अस्थायी मरम्मत के भरोसे क्षेत्र को छोड़ दिया जाता है, जबकि वैज्ञानिक ढंग से ढलानों को सुरक्षित करने, मजबूत पुश्ते बनाने और जल निकासी व्यवस्था सुधारने की जरूरत है।

प्रशासन ने शुरू किया सर्वे

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय सभासद पवन थलवाल मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने प्रशासन से प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत देने तथा तकनीकी टीम भेजकर क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण कराने की मांग की। इसके बाद प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन शुरू किया। प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिया।

विशेषज्ञों के अनुसार, मसूरी की पहाड़ियां अपेक्षाकृत कमजोर भूगर्भीय संरचना पर स्थित हैं। लगातार बारिश से मिट्टी पानी सोख लेती है, जिससे ढलानों की पकड़ कमजोर पड़ जाती है। इसके अलावा, अनियोजित निर्माण, पहाड़ियों की कटिंग, खराब जल निकासी व्यवस्था और बढ़ते यातायात का दबाव भी सड़कों के धंसने और भूस्खलन की घटनाओं को बढ़ावा देता है। हाल के दिनों में मसूरी-देहरादून मार्ग और अन्य क्षेत्रों में भी सड़क धंसने व लैंडस्लाइड की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

हुसैनगंज की ताजा घटना के बाद स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्र का निरीक्षण किया है और जरूरत पड़ने पर राहत एवं पुनर्वास की तैयारी भी की जा रही है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में उत्तराखंड में भारी बारिश की संभावना जताई है, जिससे संवेदनशील इलाकों में जोखिम और बढ़ सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि केवल अस्थायी मरम्मत से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। मजबूत रिटेनिंग वॉल, प्रभावी ड्रेनेज सिस्टम, वैज्ञानिक ढंग से सड़क निर्माण, ढलानों का स्थिरीकरण और अनियंत्रित निर्माण पर सख्ती जैसे दीर्घकालिक उपाय अपनाने होंगे। तभी मसूरी में हर मानसून के दौरान होने वाले सड़क धंसने और भूस्खलन जैसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकेगा।

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