बांकीपुर उपचुनाव महागठबंधन के लिए अग्निपरीक्षा? कांग्रेस की चुप्पी से RJD प्रत्याशी रेखा गुप्ता की राह हुई मुश्किल!

0

पटना, 16  जुलाई 2026 । बिहार की बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव अब केवल एक सीट का चुनाव नहीं रह गया है, बल्कि इसे महागठबंधन की एकजुटता और भविष्य की राजनीति की बड़ी परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनाव का असर विपक्षी गठबंधन की आगामी रणनीति और नेतृत्व की दिशा पर भी पड़ सकता है।

कांग्रेस की चुप्पी

विगत बांकीपुर विधानसभा चुनाव 2025 में राजद ने महागठबंधन के अपार समर्थन के साथ रेखा गुप्ता को उम्मीदवार बनाया था। तब महागठबंधन की एकजुटता दिखाई पड़ रही थी। उस चुनाव में रेखा गुप्ता को लगभग 47 हजार वोट आया था। इस वोट में कांग्रेस समर्थित सवर्ण के वोट आए तो वही वाम दल के कैडर वोट भी मिले। इस चुनाव में राजद उम्मीदवार ने बीजेपी के वैश्य वोट में सेंधमारी की थी। पर इस बार राजद को नई परिस्थिति में कितना और किस जाति का थोड़ा या ज्यादा समर्थन मिलता है।

राजद ने इस सीट से रेखा गुप्ता को उम्मीदवार बनाया है, लेकिन कांग्रेस की अपेक्षाकृत शांत भूमिका ने राजनीतिक चर्चाओं को जन्म दे दिया है। विपक्षी दलों के बीच समन्वय को लेकर सवाल उठ रहे हैं और माना जा रहा है कि यदि कांग्रेस पूरी ताकत से प्रचार में नहीं उतरती है, तो इसका असर महागठबंधन के वोट ट्रांसफर पर पड़ सकता है। हालांकि, कांग्रेस की ओर से इसे लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

इस उपचुनाव में मुकाबला त्रिकोणीय होता दिख रहा है। भाजपा अपने संगठनात्मक नेटवर्क और बड़े प्रचार अभियान के साथ मैदान में है, जबकि जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर भी चुनाव को प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाकर पूरी ताकत झोंक रहे हैं। ऐसे में राजद के सामने भाजपा और जन सुराज दोनों की चुनौती है।

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यदि महागठबंधन इस सीट पर बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाता, तो इसका असर बिहार में विपक्षी राजनीति और आगामी चुनावी रणनीतियों पर पड़ सकता है। वहीं, यदि रेखा गुप्ता मजबूत प्रदर्शन करती हैं, तो यह महागठबंधन के लिए सकारात्मक संदेश माना जाएगा। फिलहाल सभी दलों ने चुनाव प्रचार तेज कर दिया है और अब नजर मतदान व नतीजों पर टिकी है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.