देहरादून , 16 जुलाई 2026 । कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी गुरुवार को देहरादून में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले हैं। कार्यक्रम से पहले यह सवाल राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है कि इस आयोजन के लिए उत्तराखंड को ही क्यों चुना गया। कांग्रेस इसे युवाओं और छात्रों के मुद्दों पर संवाद का मंच बता रही है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया है कि वे 17 जुलाई को देहरादून आ रहे हैं। राहुल ने बताया कि इस कार्यक्रम को उत्तराखंड में ही क्यों किया जा रहा है। इसकी वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि देवभूमि को पेपर लीक का एपीसेंटर बना दिया गया है। राहुल ने आरोप लगाया कि यूकेएसएसएससी परीक्षा में यहां एक सिस्टम बैठ गया है, जहां पटवारी, लेखपाल, या कोई और पद क़ाबिलियत से नहीं, अपराधियों के तय किए रेट से मिलता है।
पार्टी के अनुसार, इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों से सीधे संवाद करना, शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, उच्च शिक्षा और युवाओं से जुड़े अन्य मुद्दों पर उनकी राय जानना है। राहुल गांधी कार्यक्रम में छात्रों के सवालों का जवाब भी दे सकते हैं और शिक्षा व्यवस्था व रोजगार से जुड़े विषयों पर अपनी बात रख सकते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तराखंड में युवाओं की बड़ी आबादी, शिक्षा संस्थानों की मौजूदगी और राज्य के राजनीतिक महत्व को देखते हुए कांग्रेस ने इस कार्यक्रम के लिए देहरादून को चुना है। साथ ही, आगामी राजनीतिक गतिविधियों और युवाओं के बीच अपनी पहुंच मजबूत करने की रणनीति के तहत भी इस आयोजन को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हालांकि, कांग्रेस की ओर से कार्यक्रम के स्थान को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है। ऐसे में उत्तराखंड के चयन को लेकर विभिन्न राजनीतिक विश्लेषण सामने आ रहे हैं। अब सभी की नजर राहुल गांधी के संबोधन और कार्यक्रम के दौरान किए जाने वाले प्रमुख ऐलानों व संदेशों पर टिकी हुई है।