पंजाब , 15 जुलाई 2026 । पंजाब सरकार ने बच्चा गोद लेने (दत्तक ग्रहण) की प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नई व्यवस्था का उद्देश्य इच्छुक अभिभावकों को अनावश्यक भागदौड़ से राहत देना और दत्तक ग्रहण की पूरी प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित एवं समयबद्ध बनाना है।
इस संबंधी जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री बलजीत कौर ने दावा किया है कि पंजाब सरकार ने इस कानूनी प्रक्रिया को इसलिए आसान बनाया है ताकि अनाथ और बेसहारा बच्चों को मां-बाप का प्यार मिल सके। जानकारी के मुताबिक, इससे पहले पंजाब में 10 अडॉप्शन एजेंसियां काम कर रही थी जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है लेकिन अब इन बढ़ोतरी करते हुए 16 नई अडॉप्शन एजेंसिया शुरू कर दी है। जारी हुए आंकड़ों के मुताबिक, 2025 से अब तक कुल 87 बच्चों को अडॉप्ट किया गया जिनमें 65 बेटियां और 22 लड़के शामिल हैं। इसके अलावा 21 बच्चों को विदेशी कप्लस ने अडॉप्ट किया है। इसके अलावा इनमें 10 स्पेशल बच्चे में शामिल हैं।
नई प्रणाली के तहत आवेदन, दस्तावेजों का सत्यापन, पात्रता की जांच और अन्य आवश्यक औपचारिकताओं को सुव्यवस्थित किया गया है। इससे आवेदकों को विभिन्न कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने की आवश्यकता कम होगी और पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ सकेगी। साथ ही संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय से मामलों के त्वरित निस्तारण में भी मदद मिलेगी।
सरकार का कहना है कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य ऐसे बच्चों को जल्द से जल्द सुरक्षित और स्नेहपूर्ण परिवार उपलब्ध कराना है, जिन्हें देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता है। नई व्यवस्था से दत्तक ग्रहण प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी, कानूनी प्रक्रियाओं का बेहतर पालन सुनिश्चित होगा और पात्र परिवारों को समय पर सुविधा मिल सकेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि सरल और सुगम दत्तक ग्रहण प्रणाली से अधिक लोग कानूनी रूप से बच्चा गोद लेने के लिए प्रेरित होंगे। इससे अनाथ, परित्यक्त और देखभाल की आवश्यकता वाले बच्चों के पुनर्वास को भी मजबूती मिलेगी तथा उन्हें बेहतर भविष्य प्रदान करने में सहायता मिलेगी।