पटना, 15 जुलाई 2026 । बिहार की राजनीति में छोटू सिंह से जुड़ा मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। बताया जा रहा है कि छोटू सिंह की ओर से उठाई गई गुहार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तक पहुंच गई है। इस बीच जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा की कार्रवाई को लेकर समर्थकों में नाराजगी देखने को मिल रही है। बड़ी संख्या में समर्थकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए मामले में हस्तक्षेप की मांग की।
नीतीश के दरबार में छोटू सिंह के समर्थक
पार्टी से अचानक हुए निष्कासन के बाद छोटू सिंह के समर्थकों ने सीधा शीर्ष नेतृत्व का दरवाजा खटखटाया है। सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में कई जदयू नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की। समर्थकों का तर्क है कि लंबे समय से पार्टी के प्रति वफादार रहे कार्यकर्ता के खिलाफ इतनी सख्त कार्रवाई से संगठन में गलत संदेश जाएगा, जिससे जमीनी कार्यकर्ताओं का मनोबल टूट सकता है।
समर्थकों का कहना है कि मामले पर निष्पक्ष तरीके से विचार किया जाना चाहिए और सभी पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए। वहीं, पार्टी के भीतर भी इस घटनाक्रम को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। राजनीतिक हलकों में इसे संगठनात्मक गतिविधियों और आंतरिक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, मामले की जानकारी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच चुकी है और आगे की रणनीति पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, पार्टी की ओर से आधिकारिक स्तर पर अंतिम निर्णय का इंतजार किया जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे घटनाक्रम पार्टी के आंतरिक संगठन और आगामी चुनावी रणनीतियों पर असर डाल सकते हैं। फिलहाल सभी की नजर पार्टी नेतृत्व के अगले कदम और इस मामले में होने वाले निर्णय पर टिकी हुई है।