नई दिल्ली, 15 जुलाई 2026 । प्रदेश में सड़क मरम्मत को तेज, टिकाऊ और मौसम से अप्रभावित बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने आधुनिक तकनीक को अपनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इस नई तकनीक के जरिए अब बारिश, गर्मी या सर्दी—किसी भी मौसम में सड़क के गड्ढों और क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कुछ ही मिनटों में की जा सकेगी। इससे न केवल यातायात बाधित नहीं होगा, बल्कि सड़क की गुणवत्ता और आयु भी बढ़ेगी।
- कैबिनेट मंत्री ने कहा कि इस विधि से कई स्थानों पर बने पैच या गड्ढों की रिपेयरिंग थोड़े ही समय में की जा सकती है।
- इस दौरान ट्रैफिक रोकने की जरूरत नहीं है। बल्कि जिस स्थान पर रिपेयरिंग करना है, सिर्फ उसी एरिया में ट्रैफिक रोक कर बाकी हिस्से में ट्रैफिक ऑपरेशनल रखा जा सकता है।
- साथ ही रिपेयरिंग में मुश्किल से 2 से 3 मिनट का वक्त लगता है। उन्होंने कहा कि इसके लिए न तो मैनपावर या मजदूरों की जरूरत होती है और न ही ट्रैफिक प्रभावित होता है।
पीडब्ल्यूडी मंत्री ने इस नई तकनीक के प्रदर्शन और मरम्मत कार्य का मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों और इंजीनियरों से पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली तथा तकनीक की कार्यक्षमता का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से सड़क मरम्मत की प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज, सुरक्षित और प्रभावी होगी।
नई तकनीक के तहत विशेष मिश्रण (मिक्स) और अत्याधुनिक उपकरणों का उपयोग किया जाता है, जिससे सड़क की सतह को कम समय में मजबूत बनाया जा सकता है। इस प्रक्रिया में सड़क को लंबे समय तक बंद रखने की आवश्यकता नहीं पड़ती, जिससे आम लोगों को ट्रैफिक जाम और असुविधा से राहत मिलेगी। विभाग का लक्ष्य है कि क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत तत्काल की जाए और सड़क नेटवर्क को बेहतर बनाया जाए।
पीडब्ल्यूडी विभाग का मानना है कि इस तकनीक के व्यापक उपयोग से रखरखाव पर आने वाली लागत में भी कमी आएगी और बार-बार मरम्मत की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। आने वाले समय में इसे प्रदेश के विभिन्न जिलों में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, ताकि लोगों को सुरक्षित, बेहतर और टिकाऊ सड़क सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।