नई दिल्ली, 14 जुलाई 2026 । दिल्ली में धूल प्रदूषण (Dust Pollution) पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस अत्याधुनिक डस्ट मॉनिटरिंग पोर्टल शुरू किया गया है। इस नए प्लेटफॉर्म के जरिए राजधानी में निर्माण स्थलों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की रियल-टाइम (लाइव) निगरानी की जाएगी। पोर्टल का उद्देश्य धूल प्रदूषण के स्रोतों की पहचान कर समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
असल समय में होगी निगरानी
इसके जरिए सेल्फ इवैल्युएशन की सुविधा भी मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान डस्ट पोर्टल 2.0 का लाइव डेमो करके दिखाया गया कि किस तरह से AI के जरिए निगरानी सिस्टम को सटीक और प्रभावी बनाया जा सकता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि डस्ट पोर्टल 2.0 निर्माण स्थलों पर धूल प्रदूषण की निगरानी और प्रबंधन की प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव लेकर आएगा। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि नई व्यवस्था से असल समय में निगरानी होगी।
AI तकनीक से संचालित यह पोर्टल निर्माण स्थलों पर लगे कैमरों और सेंसरों से प्राप्त डेटा का विश्लेषण करेगा। यदि किसी स्थान पर धूल का स्तर निर्धारित मानकों से अधिक पाया जाता है, तो संबंधित विभागों और अधिकारियों को तुरंत अलर्ट भेजा जाएगा। इससे निरीक्षण और कार्रवाई की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज और प्रभावी होने की उम्मीद है।
पोर्टल के माध्यम से निर्माण एजेंसियों द्वारा धूल नियंत्रण संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन भी मॉनिटर किया जाएगा। यदि किसी साइट पर पानी का छिड़काव, ग्रीन नेट, कवरिंग या अन्य अनिवार्य उपायों का पालन नहीं किया जाता है, तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकेगी।
दिल्ली सरकार का मानना है कि AI आधारित यह डिजिटल प्रणाली प्रदूषण नियंत्रण में तकनीक की भूमिका को मजबूत करेगी। इसके जरिए प्रदूषण के हॉटस्पॉट की पहचान, डेटा आधारित निर्णय और त्वरित प्रवर्तन संभव होगा, जिससे राजधानी की वायु गुणवत्ता में सुधार लाने में मदद मिलेगी।