पान की दुकान की आड़ में पेट्रोल-डीजल चोरी का खेल

लखनऊ में 36 वर्षीय शख्स ने ड्राइवरों के साथ मिलकर खड़ा किया नेटवर्क

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लखनऊ , 14  जुलाई 2026 । लखनऊ में पेट्रोल और डीजल चोरी के एक संगठित गिरोह का खुलासा होने के बाद पुलिस जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। आरोप है कि 36 वर्षीय एक शख्स ने पान की दुकान को अपनी गतिविधियों का ठिकाना बनाकर ट्रक और टैंकर चालकों के साथ मिलकर ईंधन चोरी का नेटवर्क खड़ा कर लिया था। पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।

मलिहाबाद के संन्‍यासी बाग इलाके में इस रैकेट का खुलासा एडिशनल DCP (क्राइम) किरण यादव की अगुवाई में छापेमारी के दौरान हुआ। इस दौरान हरदोई के रहने वाले चार आरोपियों अनिल सिंह, अभिषेक राजपूत (25), धीरज सिंह (33) और रामतीर्थ (35) को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने 7,750 लीटर पेट्रोल, 4,000 लीटर डीजल, 1,150 लीटर मिलावटी पेट्रोल और 3,200 लीटर इंडस्ट्रियल सॉल्वेंट जब्‍त किया। फ्यूल निकालने और मिलावट के लिए इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी बरामद किए गए हैं।

शुरुआत में केवल 5 से 6 लीटर फ्यूल चुराते थे

शुरुआत में कम मात्रा में फ्यूल चोरी किया जाता था। हर टैंकर से सिर्फ 5-6 लीटर ताकि शक न हो। बाद में फ्यूल की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ती गई, जिससे एक छोटे स्तर का ऑपरेशन एक संगठित नेटवर्क में बदल गया जिसमें कई लोग शामिल थे और सबकी भूमिकाएं तय थीं।

प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी विभिन्न वाहनों के चालकों से संपर्क करता था और उनकी मिलीभगत से पेट्रोल व डीजल की चोरी कराता था। चोरी किए गए ईंधन को बाद में कम कीमत पर स्थानीय बाजार में बेच दिया जाता था। पुलिस का मानना है कि यह अवैध कारोबार काफी समय से संचालित हो रहा था और इससे गिरोह को लाखों रुपये का फायदा हुआ।

जांच के दौरान पुलिस ने संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर चोरी के ईंधन, भंडारण के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले ड्रम, पाइप, मापने के उपकरण और अन्य सामान बरामद किए हैं। इसके अलावा वित्तीय लेन-देन और आरोपियों के मोबाइल रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल सभी लोगों की पहचान की जा रही है। यदि किसी परिवहन कंपनी के कर्मचारी या वाहन चालक की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी के ईंधन की खरीद-बिक्री से जुड़े लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

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