नई दिल्ली, 08 जुलाई 2026 । आम आदमी पार्टी (AAP) ने बुधवार यानी आज सोशल मीडिया पर कथित ‘BJP पेट्रोल पंप’ की एक रसीद साझा करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी ने दावा किया कि पेट्रोल की कीमतों और E20 पेट्रोल को लेकर आम उपभोक्ताओं के बीच भ्रम की स्थिति है। इसी मुद्दे को उठाते हुए AAP ने केंद्र सरकार से पारदर्शिता और स्पष्ट जवाब देने की मांग की।
लेकिन उन्हें 20 प्रतिशत एथनॉल मिला ई-20 पेट्रोल दिया जा रहा है, जिससे माइलेज कम हो सकता है और गाड़ी की मेंटेनेंस का खर्च बढ़ सकता है। इससे एक दिन पहले AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने भी ई-20 पेट्रोल पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि वाहन कंपनियां लिखित में भरोसा दें कि ई-20 से न तो गाड़ी का माइलेज घटेगा और न ही इंजन को नुकसान होगा। साथ ही उन्होंने सरकार से पेट्रोल पंपों पर E20, E10 और बिना एथनॉल वाले E0 पेट्रोल का विकल्प देने की मांग की।
क्या लिखा था ‘BJP पेट्रोल पंप’ की रसीद में?
- AAP की शेयर की गई रसीद में लिखा था कि ई-20 पेट्रोल में 80% पेट्रोल और 20% एथनॉल है।
- इसमें “फुल पेट्रोल का दाम, लेकिन कम वैल्यू” और “माइलेज पर असर” जैसे दावे भी किए गए।
केजरीवाल ने क्या मांग की?
- उन्होंने मारुति सुजुकी, टोयोटा किर्लोस्कर और हीरो मोटोकॉर्प से लिखित गारंटी मांगी।
- उनका कहना है कि अगर ई-20 से माइलेज घटे या इंजन खराब हो तो कंपनियां ग्राहकों को मुआवजा दें।
मामला क्यों अहम है?
- ई-20 पेट्रोल अब देशभर में लागू किया जा चुका है।
- इस बीच ई-20 की जानकारी पेट्रोल पंपों और रसीदों पर साफ-साफ लिखने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दाखिल की गई है।
वहीं, केंद्र सरकार पहले ही कह चुकी है कि E20 (20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। सरकार का तर्क है कि इससे कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी, प्रदूषण में कमी आएगी और एथेनॉल उत्पादन के माध्यम से किसानों को भी लाभ मिलेगा।
इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर विपक्ष E20 पेट्रोल की व्यवहारिकता और उपभोक्ताओं पर इसके प्रभाव को लेकर सवाल उठा रहा है, वहीं सरकार इसे ऊर्जा सुरक्षा और हरित ईंधन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बता रही है।