मसूरी , 07 जुलाई 2026 । उत्तराखंड के मसूरी में एक विवादित बहुमंजिला इमारत के खिलाफ नगर पालिका और मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई की है। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद अधिकारियों ने इमारत में बने लगभग 60 से 70 फ्लैटों को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल की मौजूदगी में सीलिंग अभियान चलाया गया।
बताया जा रहा है कि यह बहुमंजिला भवन तत्कालीन पालिका बोर्ड के कार्यकाल में बनाया गया था। आरोप है कि उस समय तत्कालीन पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता के नेतृत्व में भवन निर्माण के दौरान भवन निर्माण नियमों की अनदेखी की गई। बिना मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) से स्वीकृत मानचित्र और बिना अग्निशमन विभाग की अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) के छह मंजिला इमारत में दर्जनों फ्लैट तैयार कर दिए गए।
बड़ी संख्या में फ्लैटों पर कब्जा
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा रही कि इन फ्लैटों को आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों को उपलब्ध कराने की बात कही गई थी। बाद में बड़ी संख्या में लोगों ने इन फ्लैटों पर कब्जा कर लिया और कई परिवार वहां रहने भी लगे। इसी बीच कुछ समाजसेवियों ने पूरे मामले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी। न्यायालय ने भवन की यथास्थिति बनाए रखने और फ्लैटों के आवंटन पर रोक लगाने के आदेश दिए। इसके बावजूद भवन में कब्जे होते रहे।