चंडीगढ़, 07 जुलाई 2026 । पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थकों द्वारा बड़ी संख्या में तस्वीरें और जनसमर्थन दिखाए जाने को उनके शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। इस घटनाक्रम ने पार्टी के भीतर नेतृत्व और संगठन को लेकर चल रही चर्चाओं को और तेज कर दिया है।
छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हैं। सोमवार को वह चंडीगढ़ पहुंचे तो उन्होंने मैं 5 दिनों के दौरे पर आया हूं। विभिन्न कमेटियों की बैठक होगी। कांग्रेस के नए चुनाव हुए हैं और उनके साथ भी मीटिंग होगी। हम चुनाव की तैयारियों में लगे हैं। बघेल के साथ पंजाब में नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा मौजूद रहे। पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि पार्टी हाईकमान के फैसलों के साथ पूरी पार्टी खड़ी है। हां, कुछ समस्याएं हैं जिन्हें सुलझा लिया जाएगा।
इसी बीच कांग्रेस नेतृत्व ने स्थिति को संभालने की कोशिशें तेज करते हुए वरिष्ठ नेता और पंजाब मामलों के प्रभारी भूपेश बघेल को चंडीगढ़ भेजा है। माना जा रहा है कि उनका दौरा पार्टी के भीतर चल रहे मतभेदों को दूर करने, नेताओं के बीच समन्वय स्थापित करने और संगठन को एकजुट रखने की रणनीति का हिस्सा है।
सूत्रों के अनुसार, भूपेश बघेल पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और विधायकों से मुलाकात कर संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा कर सकते हैं। कांग्रेस नेतृत्व चाहता है कि आगामी राजनीतिक चुनौतियों और चुनावी तैयारियों से पहले पंजाब इकाई में किसी भी तरह की गुटबाजी को नियंत्रित किया जाए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंजाब कांग्रेस के लिए मौजूदा परिस्थितियों में संगठनात्मक एकजुटता बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में चन्नी के शक्ति प्रदर्शन और बघेल की सक्रियता को पार्टी के भीतर संतुलन बनाए रखने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।