नई दिल्ली, 07 जुलाई 2026 । दिल्ली की साकेत कोर्ट में एक आरोपी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि उसका कथित फर्जी एनकाउंटर तत्कालीन डीसीपी (DCP) की मौजूदगी में किया गया था। आरोपी ने अदालत में कहा कि पुलिस की कार्रवाई कानून के दायरे से बाहर थी और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
साउथ ईस्ट जिला पुलिस का दावा था कि 29 जून की रात 12:15 बजे वॉन्टेड बदमाश नजफगढ़ के बापरौला निवासी प्रमोद कुमार उर्फ टूटन (32) और राजेश कुमार (34) किसी वारदात को अंजाम देने जल विहार की तरफ आ रहे थे। पुलिस ने रुकने का इशारा किया तो दोनों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। सेल्फ डिफेंस में गोली चलाने पर दोनों के पैर पर गोलियां लगीं। इनसे पिस्टल, कारतूस और खोखे रिकवर किए गए। प्रमोद पर 113 तो राजेश पर 15 मामले दर्ज मिले।