कौन हैं संतोष दुबे? राम मंदिर आंदोलन के पूर्व कारसेवक, जिन्हें SIT जांच पर नहीं है भरोसा

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अयोध्या , 06  जुलाई 2026 ।  संतोष दुबे अयोध्या के रहने वाले हैं और स्वयं को राम मंदिर आंदोलन का पूर्व कारसेवक तथा हिंदू धर्म सेना का प्रमुख बताते हैं। हाल के दिनों में वह राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं के मामले को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा है कि उन्हें इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) पर भरोसा नहीं है और उनका मानना है कि मामले की पूरी और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

राम मंदिर में चढ़ने वाले पैसे और जेवरों की चोरी का मामला सामने आने के बाद हर कोई हैरान है। स्‍पेशल इनवेस्‍टीगेशन टीम की जांच के बाद अयोध्‍या पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इनसे पूछताछ में कई बड़े खुलासे हुए हैं। इस पूरे मामले में हिंदू धर्म सेना के प्रमुख संतोष दुबे का नाम प्रमुखता से सामने आया है। दरअसल, संतोष दुबे ही वह शख्‍स हैं जिन्‍होंने इस चोरी को लेकर रामजन्‍मभूमि थाने में एफआईआर दर्ज कराने के तहरीर दी है।

एसआईटी का कोई मतलब नहीं होता: संतोष दुबे

संतोष दुबे का कहना है कि हमने आरोपियों के खिलाफ तहरीर इसलिए दी है ताकि एसआईटी के पास ये बहाना ना हो कि किसी ने तहरीर नहीं दी। हमने इस तहरीर में चार लोगों के नाम भी लिखे हैं- चंपत राय, अनिल मिश्र, गोपाल राव और चंपत राय के ड्राइवर राम शंकर यादव उर्फ टिन्‍नू। एसआईटी का कोई मतलब नहीं होता क्‍योंकि एसआईटी उन्‍हीं के दबाव में काम करेगी। इसलिए मुख्‍यमंत्री या तो स्‍वयं जांच करें या पुलिस पर छोड़ दें।

राम मंदिर में चढ़ने वाले पैसे और जेवरों की चोरी का मामला सामने आने के बाद हर कोई हैरान है। स्‍पेशल इनवेस्‍टीगेशन टीम की जांच के बाद अयोध्‍या पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इनसे पूछताछ में कई बड़े खुलासे हुए हैं। इस पूरे मामले में हिंदू धर्म सेना के प्रमुख संतोष दुबे का नाम प्रमुखता से सामने आया है। दरअसल, संतोष दुबे ही वह शख्‍स हैं जिन्‍होंने इस चोरी को लेकर रामजन्‍मभूमि थाने में एफआईआर दर्ज कराने के तहरीर दी है।

संतोष दुबे का कहना है कि उन्होंने राम मंदिर आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई थी और आंदोलन के दौरान उन्हें चार गोलियां लगने के बावजूद उन्होंने कारसेवा जारी रखी। उनका यह दावा विभिन्न मीडिया साक्षात्कारों और सार्वजनिक बयानों में सामने आया है।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर संतोष दुबे लगातार प्रेस वार्ताओं और जनसभाओं में अपनी बात रख रहे हैं। उनका कहना है कि यदि जांच पूरी पारदर्शिता से नहीं हुई तो वे कानूनी लड़ाई भी लड़ेंगे। दूसरी ओर, एसआईटी मामले की जांच कर रही है और सरकार की ओर से कहा गया है कि जांच तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ेगी।

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