श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद पर विहिप का संतुलित रुख, कारसेवा के आह्वान से बनाई दूरी

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मथुरा, 06 जुलाई 2026 । विश्व हिंदू परिषद ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद को लेकर कुछ संतों द्वारा किए गए कारसेवा के आह्वान से दूरी बनाते हुए कहा है कि इस मामले का समाधान न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से होना चाहिए। संगठन ने सभी पक्षों से अदालत में चल रही कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करने की अपील की है।

श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद को लेकर संतों द्वारा आगामी 9 अगस्त को कारसेवा करने और गुंबद को लेकर दिए गए बयानों पर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने दूरी बना ली है। विहिप के ब्रज प्रांत अध्यक्ष कन्हैयालाल अग्रवाल ने स्पष्ट किया है कि संगठन का संतों के इस व्यक्तिगत फैसले या आह्वान से कोई लेना-देना नहीं है। यह मामला अभी सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में विचाराधीन है। संतों को न्‍याय प्रक्रिया का सम्‍मान करना चाहिए।

आपको बता दें कि मथुरा में श्रीकृष्‍ण जन्‍मभूमि को मुक्‍त कराने की मांग तेज हो गई है। चित्रगुप्‍त पीठाधीश्‍वर स्‍वामी सच्चिदानंद महाराज ने श्रीकृष्‍ण जन्‍मभूमि मुक्ति के लिए 9 अगस्‍त को कारसेवा का आह्वान किया है। इसके लिए कई राजनीतिक दलों को भी साथ आने का आह्वान किया गया है।

विहिप का कहना है कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़ा मामला विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन है। ऐसे में किसी भी प्रकार का कदम कानून और न्यायिक प्रक्रिया के अनुरूप ही उठाया जाना चाहिए। संगठन ने स्पष्ट किया कि वह इस विषय पर अदालत के निर्णय का सम्मान करता है और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार करना उचित मानता है।

हाल के दिनों में कुछ संतों और धार्मिक संगठनों ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर कारसेवा का आह्वान किया था, जिसके बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएं तेज हो गईं। इसी बीच विहिप ने अपना आधिकारिक रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि संगठन का ध्यान न्यायालय के माध्यम से समाधान पर केंद्रित है, न कि किसी ऐसे कदम पर जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो।

श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद लंबे समय से न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है और इससे संबंधित कई याचिकाओं पर अदालत में सुनवाई जारी है। ऐसे में आगे की दिशा न्यायालय के आदेशों और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार ही तय होगी।

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