हरियाणा, 02 जुलाई 2026 । हरियाणा के प्रसिद्ध किन्नू को भौगोलिक संकेतक (GI) टैग मिलने से राज्य के बागवानी क्षेत्र को बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। इस मान्यता के साथ हरियाणा का किन्नू अब राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी अलग पहचान बना सकेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि GI टैग मिलने से उत्पाद की ब्रांड वैल्यू बढ़ेगी, नकली उत्पादों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी और किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त होगा।
हरियाणा के प्रसिद्ध किन्नू को भौगोलिक संकेतक (GI) टैग मिलने से राज्य के बागवानी क्षेत्र को बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। इस मान्यता के साथ हरियाणा का किन्नू अब राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी अलग पहचान बना सकेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि GI टैग मिलने से उत्पाद की ब्रांड वैल्यू बढ़ेगी, नकली उत्पादों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी और किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त होगा।
हरियाणा के कई जिलों में बड़े पैमाने पर किन्नू की खेती की जाती है। इसकी गुणवत्ता, स्वाद और रसदार फल के कारण यह देश-विदेश के बाजारों में काफी पसंद किया जाता है। GI टैग मिलने के बाद निर्यात की संभावनाएं भी बढ़ेंगी, जिससे बागवानी क्षेत्र को नई गति मिलने की उम्मीद है।
राज्य सरकार और कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादों की वैश्विक ब्रांडिंग को मजबूत करने और स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। साथ ही, GI टैग हरियाणा के किन्नू की विशिष्ट पहचान को कानूनी संरक्षण भी प्रदान करेगा।