पटना, 01 जुलाई 2026 । भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए ओवैसी ने दावा किया कि भरत तिवारी ने कथित तौर पर सरेंडर कर दिया था, इसके बावजूद उसे गोली मार दी गई। उन्होंने यह भी कहा कि यदि ऐसा हुआ है तो पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इस एनकाउंटर को लेकर बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला। ओवैसी ने पुलिस की काम करने के तरीके और राज्य की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि भरत तिवारी एक ब्राह्मण बच्चा था, लेकिन उन्होंने जाति या धर्म न देखकर केवल इंसाफ के लिए आवाज उठाई। उन्होंने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए पुलिस पर आत्मसमर्पण कर चुके नौजवान की बर्बरता से हत्या करने का आरोप लगाया।
ओवैसी ने अपने बयान में कहा कि कानून के राज में किसी भी व्यक्ति के साथ न्यायिक प्रक्रिया का पालन होना चाहिए और यदि किसी एनकाउंटर को लेकर सवाल उठ रहे हैं तो उसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उनके बयान के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है और विभिन्न दलों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
वहीं, पुलिस का पक्ष और जांच एजेंसियों की आधिकारिक रिपोर्ट इस मामले में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि मामले में किसी प्रकार की शिकायत या सबूत सामने आते हैं, तो उसके आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। फिलहाल, एनकाउंटर को लेकर उठे सवालों और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच मामले पर सभी की नजर बनी हुई है।