एनकाउंटर के 7 दिन बाद आधी रात को भरत तिवारी के घर पहुंचे भोजपुर एसपी, परिजनों पर दर्ज केस वापस

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आरा, 25 जून्‌ 2026 । बिहार के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में सात दिन बाद एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। इस घटना के एक सप्ताह बाद, भोजपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) सदर एसडीपीओ रंजीत कुमार सिंह और शाहपुर थाने की पुलिस टीम के साथ देर रात अचानक मृतक भरत तिवारी के घर पहुंचे। पुलिस अधीक्षक ने भरत के माता-पिता, भाई और भाभी से मिलकर करीब आधे घंटे तक बातचीत की। इस मुलाकात के बाद प्रशासन ने परिजनों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने का निर्णय लिया, मुलाकात के दौरान परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय की गुहार लगाई है। जिससे पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है।

जानकारी के अनुसार, एनकाउंटर के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। विरोध-प्रदर्शन और तनावपूर्ण स्थिति के दौरान कुछ लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामले दर्ज किए गए थे। परिजनों का आरोप था कि उन्हें न्याय की मांग करने पर दबाव का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच भोजपुर एसपी की देर रात हुई मुलाकात को विश्वास बहाली की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया और कहा कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। परिजनों पर दर्ज केस वापस लेने के फैसले को भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।

भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर पहले ही राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस जारी है। विभिन्न दलों और संगठनों ने घटना की स्वतंत्र जांच की मांग की है। वहीं, पुलिस का कहना है कि कार्रवाई कानून के तहत की गई थी और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही किसी भी आरोप पर अंतिम राय बनानी चाहिए।

एसपी की इस मुलाकात और केस वापसी के फैसले के बाद परिजनों ने न्याय की उम्मीद जताई है। हालांकि, पूरे मामले की सच्चाई अब जांच रिपोर्ट और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल बिहार की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में इस घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं तेज हैं।

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