यूपी में 11 मेडिकल कॉलेज KGMU जैसे बनेंगे
ट्रॉमा सेंटरों की संख्या 40 से बढ़ाकर की जाएगी 173, 73 ट्रॉमा सेंटरों का होगा नेटवर्कजानिए पूरा प्लान
लखनऊ, 25 जून् 2026 । उत्तर प्रदेश सरकार राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रही है। इस योजना के तहत प्रदेश के 11 मेडिकल कॉलेजों को King George’s Medical University (KGMU) की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। साथ ही, प्रदेश में ट्रॉमा सेंटरों की संख्या को वर्तमान 40 से बढ़ाकर 173 तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं और गंभीर आपातकालीन मामलों में मरीजों को समय पर बेहतर इलाज मिल सके।
सड़क हादसा या गंभीर इमरजेंसी होने पर मरीजों को जल्द से जल्द इलाज मुहैया करवाने के लिए यूपी में ट्रॉमा नेटवर्क का ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया गया है। चिकित्सा शिक्षा और चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञों वाली ट्रॉमा टास्क फोर्स ने अपनी रिपोर्ट शासन को भेज दी है। इसके मुताबिक यूपी में ट्रॉमा सेंटरों की संख्या 40 से बढ़ाकर 173 किया जाना है।
सरकार की योजना के अनुसार, चयनित मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं, उन्नत डायग्नोस्टिक सेवाएं, सुपर स्पेशियलिटी विभाग, अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इसका उद्देश्य बड़े शहरों पर मरीजों की निर्भरता कम करना और जिला तथा मंडल स्तर पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
ट्रॉमा केयर व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्यभर में चरणबद्ध तरीके से नए ट्रॉमा सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों को राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के आसपास प्राथमिकता के आधार पर विकसित करने की योजना है, ताकि दुर्घटना के बाद “गोल्डन ऑवर” के दौरान मरीजों को त्वरित उपचार मिल सके। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु दर को कम करने में मदद मिलेगी।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को एकीकृत रूप से विकसित किया जाएगा। मेडिकल कॉलेजों में शोध, प्रशिक्षण और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार भी किया जाएगा। इसके साथ ही डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इस पहल से प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी बड़े चिकित्सा संस्थानों जैसी सुविधाएं मिल सकेंगी। यह योजना न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाएगी, बल्कि चिकित्सा शिक्षा और आपातकालीन स्वास्थ्य ढांचे को भी मजबूत करेगी।