चंडीगढ़ , 24 जून् 2026 । हरियाणा में करोड़ों रुपये के कथित वित्तीय घोटाले को लेकर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ IAS अधिकारी पंकज अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया है। जांच एजेंसी के अनुसार, 504 करोड़ रुपये के कथित घोटाले की जांच के दौरान कई गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। आरोप है कि इस मामले में बड़ी राशि का दुरुपयोग किया गया और करीब 60 करोड़ रुपये व्यक्तिगत खातों में स्थानांतरित किए गए।
खाते उस समय प्रधान सचिव रहे पंकज अग्रवाल के कार्यकाल के दौरान खोले गए थे। जांच से पता चला कि इन विभागों के खातों में धोखाधड़ी वाले लेन-देन के जरिए फंड का गलत इस्तेमाल किया गया, जिससे सरकार को 60.54 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। जांच के दौरान पंकज अग्रवाल के खिलाफ ठोस सबूत इकट्ठा किए गए हैं।
CBI की जांच में वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों, सरकारी फाइलों और संबंधित परियोजनाओं से जुड़े दस्तावेजों की गहन पड़ताल की जा रही है। एजेंसी का दावा है कि प्रारंभिक जांच में कई संदिग्ध ट्रांजैक्शन सामने आए हैं, जिनके आधार पर कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया। अधिकारियों का मानना है कि घोटाले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कथित अनियमितताओं को किस प्रकार अंजाम दिया गया, किन विभागों या संस्थाओं को इससे नुकसान हुआ और धन के प्रवाह का अंतिम लाभार्थी कौन था। इसके लिए डिजिटल रिकॉर्ड, बैंकिंग दस्तावेज और अन्य वित्तीय साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है।
इस गिरफ्तारी ने प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। मामले को सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और भ्रष्टाचार से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के निष्कर्ष आने तक सभी आरोप जांच के दायरे में हैं।
CBI का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर की जा रही है। एजेंसी अब इस कथित घोटाले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जा सके।