बिहार , 24 जून् 2026 । बिहार में चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। जन सुराज अभियान के सूत्रधार ने राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि बिहार में पुलिस की कोई भी बड़ी कार्रवाई बिना उच्च स्तर की मंजूरी के संभव नहीं है। उन्होंने दावा किया कि “पटना के आदेश के बिना कोई गोली नहीं चला सकता” और भरत तिवारी एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच की मांग की।
भरत भूषण तिवारी के परिवार से मिलने के बाद पीके ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ये जो पूरी घटना है। ये किसी पुलिस के अधिकारी के द्वारा ये किसी बिहार के एक युवा की हत्या नहीं है। स्थिति देखिए, अभी तक बिहार के मुख्यमंत्री ने। परिवार के लिए एक संवेदना का शब्द भी नहीं बोला है।
प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि यदि एनकाउंटर पूरी तरह वैध और नियमों के अनुरूप था, तो सरकार को इसकी स्वतंत्र जांच से डरना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता के बीच कई सवाल उठ रहे हैं और सरकार की जिम्मेदारी है कि पूरे मामले की पारदर्शी जांच कराकर सच्चाई सामने लाए। उन्होंने यह भी कहा कि कानून-व्यवस्था के नाम पर किसी भी कार्रवाई को बिना जवाबदेही के स्वीकार नहीं किया जा सकता।
जन सुराज की ओर से राज्य सरकार को चेतावनी भरे अंदाज में कहा गया कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो इसे लेकर व्यापक जन आंदोलन चलाया जा सकता है। पार्टी नेताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में पुलिस कार्रवाई की जवाबदेही तय होना आवश्यक है और किसी भी विवादित एनकाउंटर की न्यायिक या स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जानी चाहिए।
वहीं, राज्य सरकार और पुलिस विभाग का कहना है कि सभी पुलिस कार्रवाई कानून के दायरे में की जाती हैं और यदि किसी मामले में जांच की आवश्यकता होगी तो नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे। प्रशासन का दावा है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर जारी राजनीतिक बयानबाजी ने बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। आने वाले दिनों में इस मामले पर सरकार, विपक्ष और विभिन्न सामाजिक संगठनों के रुख पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।