दक्षिण दिल्ली में गहराया पानी का संकट: कई इलाकों में सप्लाई ठप
निजी टैंकरों के सहारे गुजर-बसर को मजबूर लोग
नई दिल्ली, 23 जून् 2026 ।दक्षिण दिल्ली के कई इलाकों में पानी की किल्लत ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। नियमित जलापूर्ति प्रभावित होने के कारण हजारों परिवारों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए निजी टैंकरों पर निर्भर होना पड़ रहा है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि लोगों की नींद तक उड़ गई है और वे सुबह से लेकर देर रात तक पानी की व्यवस्था करने में जुटे रहते हैं।
भीषण गर्मी के बीच पानी की मांग लगातार बढ़ रही है, जबकि आपूर्ति और वितरण व्यवस्था उस रफ्तार से मजबूत नहीं हो पाई है। दिल्ली को रोजाना जितने पानी की जरूरत है, उसके मुकाबले कम पानी उपलब्ध हो रहा है। इसके साथ ही पुरानी पाइपलाइनें, कम दबाव और दूषित जल जैसी समस्याएं लोगों की परेशानी और बढ़ा रही हैं।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, कई कॉलोनियों में पानी की सप्लाई या तो बेहद कम हो रही है या फिर कई घंटों की देरी से पहुंच रही है। कुछ क्षेत्रों में लोगों को एक-दो दिन के अंतराल पर ही पानी मिल रहा है। इसके चलते घरेलू कामकाज, पेयजल व्यवस्था और स्वच्छता संबंधी समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं।
जल संकट के कारण निजी पानी के टैंकरों की मांग में अचानक वृद्धि हुई है। लोगों का कहना है कि उन्हें सामान्य दिनों की तुलना में अधिक कीमत चुकाकर पानी खरीदना पड़ रहा है। कई परिवारों के लिए यह अतिरिक्त खर्च आर्थिक बोझ बनता जा रहा है। वहीं, टैंकरों की सीमित उपलब्धता के कारण कई बार लंबा इंतजार भी करना पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती आबादी, गर्म मौसम, जल स्रोतों पर बढ़ता दबाव और वितरण व्यवस्था में आने वाली तकनीकी समस्याएं इस संकट की प्रमुख वजह हो सकती हैं। जल प्रबंधन और बुनियादी ढांचे को मजबूत किए बिना ऐसी समस्याओं का स्थायी समाधान संभव नहीं है।
स्थानीय लोगों ने संबंधित विभागों से जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार और वैकल्पिक जल स्रोतों की व्यवस्था करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आने वाले दिनों में समस्या और गंभीर हो सकती है।
प्रशासन और जल विभाग की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है तथा प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त टैंकर भेजने और सप्लाई व्यवस्था को सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि फिलहाल दक्षिण दिल्ली के कई इलाकों में रहने वाले लोगों को पानी के संकट का सामना करना पड़ रहा है और वे राहत मिलने का इंतजार कर रहे हैं।