दिल्ली में दवा खरीद घोटाले पर सरकार की सख्ती

रिपोर्ट न सौंपने पर स्वास्थ्य सचिव को नोटिस, जवाबदेही तय करने की तैयारी

0

नई दिल्ली, 06 अगस्त 2026 । दिल्ली सरकार ने कथित दवा खरीद घोटाले के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए स्वास्थ्य सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सरकार का आरोप है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई, जिससे मामले की जांच और जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया प्रभावित हुई। इस कार्रवाई को स्वास्थ्य विभाग में पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

ORS, मेडिकल उपकरण खरीद पर भी मांगा जवाब

दरअसल, कथित भ्रष्टाचार के मामले में ओआरएस 15 रुपये प्रति पैकेट के हिसाब से खरीदने का आरोप लगाया गया है। इसी तरह चादर, एक्स-रे मशीन सहित कई अन्य मेडिकल उपकरणों और दवाओं की महंगी कीमत पर खरीद का भी आरोप है। स्वास्थ्य मंत्री ने इस पूरे मामले पर स्वास्थ्य सचिव को पत्र लिखकर रिपोर्ट मांगी है और ओआरएस सहित अन्य मेडिकल उपकरणों की कीमतों के संदर्भ में भी स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, दवा खरीद प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए रिपोर्ट मांगी गई थी, लेकिन समय पर रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके बाद सरकार ने स्वास्थ्य सचिव से देरी के कारणों पर स्पष्टीकरण मांगा है। नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो नियमानुसार आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।

बताया जा रहा है कि जांच का केंद्र सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों के लिए दवाओं की खरीद प्रक्रिया, टेंडर नियमों के पालन, आपूर्ति व्यवस्था और वित्तीय लेनदेन से जुड़े पहलुओं पर है। सरकार यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कहीं खरीद प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन, वित्तीय अनियमितता या अधिकारियों की लापरवाही तो नहीं हुई।

दिल्ली सरकार का कहना है कि सार्वजनिक धन के उपयोग में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि जांच में किसी अधिकारी या संबंधित एजेंसी की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है, तो उसके खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ाना और सरकारी अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि स्वास्थ्य क्षेत्र में दवा खरीद प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह होना आवश्यक है, क्योंकि इसका सीधा प्रभाव मरीजों की चिकित्सा सेवाओं पर पड़ता है। समय पर जांच रिपोर्ट और निष्पक्ष कार्रवाई से सरकारी व्यवस्था में लोगों का विश्वास मजबूत होता है तथा भविष्य में इस प्रकार की अनियमितताओं पर रोक लगाने में भी मदद मिलती है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.