यूपी के लोगों को बिजली बिल में अतिरिक्त शुल्क से जल्द मिल सकती है मुक्ति
लखनऊ, 20 जून् 2026 । उत्तर प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं को जल्द बड़ी राहत मिल सकती है। राज्य में बिजली बिलों पर वर्षों से लगाए जा रहे अतिरिक्त शुल्क (सरचार्ज) को लेकर सरकार और नियामक स्तर पर विचार-विमर्श तेज हो गया है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो उपभोक्ताओं के मासिक बिजली बिल का बोझ कम हो सकता है।
यूपी में दो-तीन दिन में मानसून के दस्तक देने की आशा है, जो गर्मी से राहत देगा। इसके साथ ही लोगों को बिजली बिल में भी राहत मिलने की खबर भी मिल सकती है। एक-दो दिन में उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को बिल में 10 फीसदी अतिरिक्त वसूली से मुक्ति मिल सकती है। जून के बिजली बिल में 10 प्रतिशत अतिरिक्त राशि की वसूली के मामले में शुक्रवार को पावर कॉर्पोरेशन ने उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) में अपना जवाब दाखिल कर दिया। आशा की जा रही है कि आयोग अतिरिक्त वसूली पर रोक लगा देगा।
पावर कॉर्पोरेशन को शुक्रवार, 19 जून तक जवाब दाखिल करने का समय दिया गया था। पावर कॉर्पोरेशन अपने जवाब में तर्क दिया है कि दिल्ली सहित कई अन्य प्रदेशों में ईंधन अधिभार शुल्क की गणना इसी तरह से की जाती है, इसलिए उत्तर प्रदेश में अपनाई गई प्रोसेस को उचित माना जाना चाहिए।
जानकारी के अनुसार, बिजली कंपनियों द्वारा विभिन्न मदों में वसूले जाने वाले अतिरिक्त शुल्क की समीक्षा की जा रही है। सरकार का उद्देश्य उपभोक्ताओं पर वित्तीय दबाव कम करना और बिजली व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाना है। इस संबंध में ऊर्जा विभाग और नियामक आयोग के स्तर पर कई विकल्पों पर चर्चा चल रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अतिरिक्त शुल्क हटने या कम होने से घरेलू, व्यावसायिक और छोटे उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा। इससे बिजली बिल में कमी आने की संभावना है और उपभोक्ताओं को राहत महसूस होगी। हालांकि अंतिम निर्णय नियामक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लिया जाएगा।
ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि उपभोक्ताओं के हितों को प्राथमिकता देते हुए ऐसे उपायों पर विचार किया जा रहा है, जिससे बिजली कंपनियों की वित्तीय स्थिति और आम जनता की सुविधा के बीच संतुलन बनाया जा सके। यदि प्रस्ताव लागू होता है, तो इसका फायदा राज्य के लाखों परिवारों और कारोबारियों को मिलेगा।
फिलहाल उपभोक्ताओं की नजर सरकार और बिजली नियामक आयोग के अंतिम फैसले पर टिकी है। आने वाले समय में इस विषय पर औपचारिक घोषणा होने की संभावना जताई जा रही है।