UP सरकारी स्कूलों में मिड डे मील बनाने वाले रसोइयों के लिए गुड न्यूज़

रिटायरमेंट उम्र 62 साल करने की तैयारी

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लखनऊ, 20 जून्‌ 2026 । उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में मिड डे मील (पीएम पोषण योजना) के तहत कार्यरत रसोइयों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य सरकार उनकी सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने पर विचार कर रही है। प्रस्ताव के अनुसार रसोइयों की वर्तमान रिटायरमेंट उम्र को बढ़ाकर 62 वर्ष किया जा सकता है, जिससे हजारों महिला और पुरुष रसोइयों को सीधे तौर पर लाभ मिलने की उम्मीद है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 2004 में कक्षा एक से पांच तक के स्कूलों में बच्चों को पका हुआ भोजन दिए जाने की योजना लागू की गई थी। उसके बाद 2007 में पिछड़े ब्लॉक के अपर प्राइमरी स्कूलों में और 2008 में सभी अपर प्राइमरी स्कूलों में मध्याह्न भोजन की योजना लागू कर दी गई। वर्तमान में 1.41 लाख स्कूलों के 1.52 करोड़ बच्चों को पका हुआ भोजन दिया जा रहा है। इसके लिए 3.63 लाख रसोइये स्कूलों में कार्यरत हैं।

रसोइयों को 2000 रुपये प्रति माह मानदेय दिया जाता है, लेकिन इनकी अब तक सेवा शर्तें नहीं बनीं। ग्राम समिति इनका चयन करती हैं। कुछ रसोइये 70-75 साल की उम्र में भी कार्यरत हैं। वहीं, ग्राम समिति चाहती है तो किसी को कभी भी हटा देती है। इनकी सेवानिवृत्ति की कोई आयु सरकार ने तय नहीं की है। वहीं, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को 11 महीने का मानदेय मिलता है, लेकिन रसोइयों को 10 माह का ही मानदेय मिलता है। अब इनकी सेवा शर्ते बनाने की तैयारी की जा रही है।

बताया जा रहा है कि शिक्षा विभाग और संबंधित अधिकारियों के स्तर पर इस प्रस्ताव पर मंथन चल रहा है। यदि इसे मंजूरी मिलती है, तो बड़ी संख्या में ऐसे रसोइयों को राहत मिलेगी जो सेवानिवृत्ति के करीब हैं और अपनी सेवाएं जारी रखना चाहते हैं। सरकार का मानना है कि अनुभवी रसोइयों का अनुभव स्कूलों में मिड डे मील व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने में मददगार हो सकता है।

राज्य के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में हजारों रसोइये बच्चों के लिए भोजन तैयार करने का काम करते हैं। ये कर्मचारी लंबे समय से मानदेय वृद्धि, सेवा सुरक्षा और सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने जैसी मांगें उठाते रहे हैं। ऐसे में रिटायरमेंट उम्र बढ़ाने का प्रस्ताव उनके लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार, प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय सरकार के स्तर पर लिया जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद संबंधित नियमों में आवश्यक संशोधन किए जा सकते हैं। इससे उन रसोइयों को भी फायदा होगा जो निकट भविष्य में सेवानिवृत्त होने वाले हैं।

संभावित लाभ

  • रसोइयों को अधिक समय तक रोजगार का अवसर मिलेगा।
  • अनुभवी कर्मियों की सेवाओं का लाभ स्कूलों को मिलता रहेगा।
  • मिड डे मील व्यवस्था में स्थिरता बनी रहेगी।
  • हजारों परिवारों की आय प्रभावित होने से बचेगी।
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