नई दिल्ली, 18 जून् 2026 । दिल्ली पुलिस को संगठित अपराध के खिलाफ अभियान में बड़ी सफलता मिली है। राशिद हत्याकांड में वांछित हारून गैंग के दो कथित शूटरों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी लंबे समय से फरार बताए जा रहे थे और पुलिस उनकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही थी।
गैंगवार में हुई थी राशिद की हत्या
क्राइम ब्रांच के अनुसार, बीती 15 जून 2026 को दयालपुर थाना क्षेत्र में हथियारबंद हमलावरों ने राशिद नामक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस संबंध में दयालपुर थाने में हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच में सामने आया कि यह हत्या कुख्यात ‘हारून गैंग’ और विरोधी ‘नसीम गैंग’ के बीच पुरानी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई का नतीजा थी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर विशेष टीम ने घेराबंदी की। इस दौरान संदिग्धों ने कथित तौर पर पुलिस टीम से बचने की कोशिश की, जिसके बाद मुठभेड़ की स्थिति बनी। जवाबी कार्रवाई और घेराबंदी के बाद दोनों आरोपियों को काबू कर लिया गया। गिरफ्तारी के दौरान आवश्यक सुरक्षा उपायों का पालन किया गया और आरोपियों को चिकित्सकीय परीक्षण के बाद हिरासत में लिया गया।
जांच एजेंसियों का कहना है कि गिरफ्तार किए गए दोनों शूटर राशिद हत्याकांड में वांछित थे। पुलिस अब उनसे पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हत्या की साजिश किसने रची, वारदात में और कौन-कौन शामिल था तथा गैंग के अन्य सदस्यों की गतिविधियां क्या थीं।
दिल्ली पुलिस का मानना है कि इन गिरफ्तारियों से मामले की जांच को महत्वपूर्ण दिशा मिलेगी। अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर गैंग के नेटवर्क, हथियारों की आपूर्ति और अन्य आपराधिक मामलों की भी जांच की जा सकती है।
राजधानी में संगठित अपराध और गैंग गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी से न केवल अपराध की गुत्थी सुलझाने में मदद मिलती है, बल्कि अपराधी नेटवर्क को भी कमजोर करने में सहायता मिलती है।
फिलहाल दोनों आरोपियों को अदालत में पेश करने की तैयारी की जा रही है। पुलिस मामले से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश में भी जुटी हुई है और आने वाले दिनों में इस केस में और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।