अमृतसर , 16 जून् 2026 । पंजाब के अमृतसर में जम्मू-कश्मीर पुलिस और पंजाब पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर बड़ी सफलता हासिल की है। दोनों राज्यों की पुलिस की संयुक्त रेड के दौरान एक फ्लैट से AK-47 राइफल, पिस्टल और बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद किए गए। इस कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनसे पूछताछ जारी है।
सूत्रों के मुताबिक, जम्मू पुलिस को एक वांछित व्यक्ति के बारे में खुफिया जानकारी मिली थी, जिसके आधार पर पुलिस टीम उसे ट्रेस करते हुए अमृतसर की ड्रीम सिटी कॉलोनी पहुंची। इसके बाद जम्मू पुलिस और अमृतसर रूरल पुलिस ने मिलकर फ्लैट पर रेड की। अमृतसर रूरल पुलिस के कई सीनियर अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके को घेरकर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। घटना के बाद ड्रीम सिटी कॉलोनी में डर और दहशत का माहौल बन गया है। स्थानीय लोगों में चर्चा है कि किराए के फ्लैट में हथियार और ड्रग्स मिलना सुरक्षा के लिहाज से बहुत बड़ी चिंता की बात है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, खुफिया सूचना के आधार पर यह ऑपरेशन चलाया गया। छापेमारी के दौरान सुरक्षा बलों ने संदिग्ध ठिकाने को घेरकर तलाशी ली, जहां से अवैध हथियारों और मादक पदार्थों का जखीरा बरामद हुआ। बरामद AK-47 और अन्य हथियारों को देखते हुए जांच एजेंसियां आरोपियों के संभावित आपराधिक और अंतरराज्यीय नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही हैं।
गिरफ्तार युवकों की पहचान शेखपुरा निवासी सूरजदीप सिंह और देवीदासपुरा निवासी हरप्रीत सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों युवकों की गाड़ियां भी कब्जे में ले ली हैं और उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।
प्रारंभिक जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बरामद हथियारों और नशीले पदार्थों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था और इनके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों के संपर्कों, वित्तीय लेनदेन और कॉल रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विभिन्न पहलुओं पर जांच आगे बढ़ा रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि पंजाब और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई अंतरराज्यीय अपराध, हथियार तस्करी और नशा तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान का अहम हिस्सा है। इस ऑपरेशन को सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी कामयाबी माना जा रहा है, जिससे भविष्य में ऐसे नेटवर्कों पर और सख्त कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है।